Monday, August 17, 2026
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Jagdalpur SAF Credit Society 3 Crore Fraud Case: जगदलपुर 5वीं वाहिनी साख समिति में 3 करोड़ का गबन: अध्यक्ष के बाद अब सहायक प्रधान आरक्षक संजय चौहान गिरफ्तार

जगदलपुर [Nishanebaaz News]Jagdalpur-SAF-Credit-Society-3-Crore-Fraud-Case। जगदलपुर के कंगोली स्थित 5वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (SAF) की कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपये के बड़े गबन के मामले में पुलिसिया जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल वित्तीय घोटाले में परपा थाना पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए साख समिति के पूर्व अध्यक्ष के सहायक रहे प्रधान आरक्षक संजय चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी व समिति के तत्कालीन अध्यक्ष प्रधान आरक्षक शिवकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने आरोपी संजय चौहान को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद उसकी सीधी संलिप्तता पाए जाने पर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।

2012 से 2021 के बीच फर्जी दस्तावेजों से हुआ 3 करोड़ का खेल मामले का खुलासा कंगोली स्थित 5वीं वाहिनी की साख समिति के खातों के ऑडिट और शिकायत के बाद हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार, वर्ष 2012 से 2021 के लंबे सेवाकाल के दौरान साख समिति के लोन खातों और सदस्यों की जमा राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। आरोपियों ने कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर जवानों के मेहनत की कमाई में से करीब 3 करोड़ रुपये का गबन कर लिया। शिकायत दर्ज होने के बाद परपा थाने में विभिन्न दंडात्मक धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।

‘जांच केवल दो तक सीमित नहीं, कई और पर गिर सकती है गाज’ — एसपी शलभ सिन्हा इस मामले में बस्तर पुलिस अधीक्षक (SP) शलभ कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तार दो आरोपियों तक ही सीमित नहीं रहेगी। जांच अधिकारी पूरे वित्तीय ट्रांजैक्शन और साख समिति के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। एसपी ने चेतावनी दी है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही यदि किसी अन्य पुलिस कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाएगी।

गबन की राशि की बरामदगी बनी बड़ी चुनौती फिलहाल गबन की गई 3 करोड़ रुपये की विशाल राशि की रिकवरी नहीं हो सकी है। पुलिस की जांच अब इस मुख्य बिंदु पर केंद्रित है कि आरोपियों ने गबन की गई रकम को कहां खपाया या निवेश किया है। परपा थाना पुलिस दोनों आरोपियों से रिमांड के दौरान आमने-सामने पूछताछ कर रही है, ताकि गबन के पूरे नेटवर्क और धोखाधड़ी के तरीके का पर्दाफाश किया जा सके।

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