[Nishaanebaz News] Health Services MP: निवाड़ी। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उप स्वास्थ्य केंद्र गढ़कुंडार में ध्वजारोहण के दौरान कर्मचारी समय पर मौजूद नहीं रहे। निर्धारित समय पर सीएचओ के केंद्र में नहीं पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब ध्वजारोहण के बाद सीएचओ केंद्र पर पहुंचीं और कर्मचारियों व स्थानीय लोगों से नाराजगी जताने की बात सामने आई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं लंबे समय से बदहाल हैं। केंद्र पर मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं और जरूरतमंद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ध्वजारोहण के समय नहीं पहुंचीं CHO
जानकारी के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस पर उप स्वास्थ्य केंद्र गढ़कुंडार में ध्वजारोहण का कार्यक्रम निर्धारित था। कार्यक्रम के दौरान CMHO अनिल झमनानी मौजूद थे, लेकिन सीएचओ अपर्णा दांगी समय पर केंद्र पर नहीं पहुंचीं।बताया जा रहा है कि ध्वजारोहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीएचओ केंद्र पर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने एमपीडब्ल्यू कर्मचारी और मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से नाराजगी जताई। आरोप है कि उन्होंने सवाल किया कि जब वह स्वयं कार्यक्रम में नहीं पहुंची थीं, तो ध्वजारोहण क्यों किया गया।हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
नियमित उपस्थिति को लेकर भी शिकायतें
Health Services MP: स्थानीय लोगों ने सीएचओ अपर्णा दांगी के नियमित रूप से उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं आने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि कर्मचारी की अनुपस्थिति का सीधा असर ग्रामीणों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज और दवाइयों के लिए आने वाले मरीजों को कई बार निराश होकर लौटना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को भी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं।
गंदगी के बीच स्वास्थ्य सेवाएं, बरसात में बढ़ी चिंता
Health Services MP: स्वास्थ्य केंद्र परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में स्वास्थ्य केंद्र के आसपास गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रही है।लोगों का कहना है कि जिस स्वास्थ्य केंद्र से बीमारियों से बचाव और साफ-सफाई को लेकर जागरूकता की उम्मीद की जाती है, अगर उसी परिसर में गंदगी पसरी रहे तो यह विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पत्रकार के सवाल पर वेतन नहीं मिलने की बात
जब सीएचओ से केंद्र पर नियमित उपस्थिति और साफ-सफाई से जुड़े सवाल किए गए तो उन्होंने वेतन नहीं मिलने की बात कही। बताया गया कि करीब पांच महीने से वेतन लंबित है।हालांकि, वेतन लंबित होने और केंद्र पर नियमित उपस्थिति के बीच क्या संबंध है, यह स्पष्ट नहीं है। मामले में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
CMHO ने जांच कराने की कही बात
पूरे मामले को लेकर CMHO अनिल झमनानी ने जांच कराने की बात कही है। वहीं मेडिकल ऑफिसर प्रवीण अहिरवार से मामले में जानकारी लेने पर उन्होंने सुपरवाइजर से बात करने को कहा।सुपरवाइजर के मुताबिक, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पहले भी कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही है।
अब कार्रवाई पर टिकी नजर
Health Services MP: मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कर्मचारियों की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं की जानकारी विभागीय अधिकारियों को पहले से लिखित रूप में दी जा चुकी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
ग्रामीण यह भी जानना चाहते हैं कि उप स्वास्थ्य केंद्र की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कब मिलेंगी। अब देखना होगा कि जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है और गढ़कुंडार उप स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।





