इंदौर [Nishanebaaz News]Indore Krishna Murder Case Unsolved Solved। मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस को 12 साल पुराने सनसनीखेज ‘ब्लाइंड मर्डर’ (अंधे कत्ल) की गुत्थी सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल हुई है। साल 2015 में खजराना बायपास के पास महज 17 साल के नाबालिग कृष्णा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहे थे, लेकिन खजराना थाने के प्रधान आरक्षक पंकज सांवरिया की लगातार सक्रियता और मजबूत मुखबिर तंत्र ने इस ठंडे पड़े केस की परतें उधेड़ दीं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड में शामिल दो कुख्यात आदतन अपराधियों—अकील उर्फ नाइट्रा और आरिफ उर्फ नाइट्रा को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल तीसरा साथी परवेज, जिसकी अब मौत हो चुकी है, इस मामले का आरोपी था।
12 साल पुराने कृष्णा हत्याकांड का इंदौर पुलिस ने किया खुलासा। 17 वर्षीय कृष्णा की हत्या के मामले में अकील और आरिफ गिरफ्तार, तीसरे आरोपी की मौत हो चुकी है। खजराना पुलिस की बड़ी कामयाबी।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 12, 2026
लिफ्ट देने के बहाने ले गए, नशा कराकर लूट ली थी जान
यह पूरी सनसनीखेज वारदात 17 अप्रैल 2015 की है। खजराना बायपास के पास एक सुनसान मैदान में 17 वर्षीय कृष्णा का शव मिला था, जिसके गले पर धारदार हथियार से गहरे वार के निशान थे।
11 अगस्त 2026 को मिली एक सटीक मुखबिर सूचना के बाद जब पुलिस ने अकील और आरिफ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया:
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लूट और हत्या का तरीका: आरोपियों ने कृष्णा को उसकी ही मोटरसाइकिल पर लिफ्ट देने के बहाने बैठाया और सुनसान मैदान में ले गए। वहां तीनों ने कृष्णा के साथ बैठकर नशा किया।
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विरोध करने पर घोंटा गला: इसके बाद आरोपियों ने कृष्णा के गले से सोने का लॉकेट, चांदी की चेन-पेंडल और नकदी लूटने की कोशिश की। जब कृष्णा ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी अकील ने चाकू से उसके गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे अत्यधिक खून बहने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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सबूत मिटाने की कोशिश: हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने मृतक की मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान को जलाने का प्रयास किया और मौके से फरार हो गए थे।
आदतन अपराधी हैं आरोपी, डीसीपी ने की प्रधान आरक्षक की तारीफ
डीसीपी अमन सिंह राठौड़ ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी अकील और आरिफ पेशेवर अपराधी हैं। इनके खिलाफ इंदौर और उज्जैन के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई सोने-चांदी की चेन, लॉकेट और अन्य सामग्री बरामद कर ली है।
मामले में खजराना थाने के प्रधान आरक्षक पंकज सांवरिया की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिन्होंने 12 वर्षों तक केस को ठंडे बस्ते में नहीं जाने दिया और अपना मुखबिर नेटवर्क सक्रिय रखा। फिलहाल अदालत से दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड हासिल की गई है, जिससे इस गैंग द्वारा की गई अन्य वारदातों और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

