[Nishaanebaz News] Rewa Education Department: रीवा। रीवा के स्कूल शिक्षा विभाग में प्रवीण कुमार शुक्ला की नई पदस्थापना को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विवादों और पूर्व में सामने आई शिकायतों के बीच शासन ने उन्हें रमसा (राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) का प्रभारी बनाया है। उनकी नई जिम्मेदारी सामने आने के बाद पूर्व की पदस्थापना और उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।मामले की शिकायत अब रीवा कलेक्टर तक भी पहुंच चुकी है। कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच कराने और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।
प्राचार्य पद पर पदस्थापना को लेकर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, प्रवीण कुमार शुक्ला का मूल पद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपनिया में उच्च माध्यमिक शिक्षक का बताया जा रहा है। वर्ष 2023 में आयोजित हाई स्कूल प्राचार्य काउंसलिंग में उन्होंने हिस्सा लिया था। इसके बाद अंतर निकाय स्थानांतरण का लाभ लेते हुए मुंडहा स्कूल में प्राचार्य पद पर पदस्थ होने की जानकारी सामने आई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्राचार्य पद के लिए निर्धारित वरिष्ठता और पदों की संख्या के बावजूद शुक्ला को पदस्थापना का लाभ मिला। दावा किया गया है कि वरिष्ठता सूची में उनका स्थान 2827वां था, जबकि उस समय प्रमोशन के लिए करीब 1000 पद निर्धारित किए गए थे।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अंतर निकाय स्थानांतरण की स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया और इसी आधार पर प्राचार्य पद हासिल किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें
Rewa Education Department: प्रवीण शुक्ला को लेकर इससे पहले भी कई शिकायतें सामने आने का दावा किया गया है। इनमें कथित विकलांगता प्रमाण पत्र से जुड़े सवाल और पदोन्नति का गलत तरीके से लाभ लेने के आरोप शामिल हैं।
इन शिकायतों को लेकर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी आवेदन दिए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में उठाए गए सवालों का पूरी तरह निराकरण नहीं हुआ और अब उन्हें नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
मऊगंज पदस्थापना के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
शिकायत में प्रवीण शुक्ला के मऊगंज में पदस्थ रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, परिवहन से जुड़े मामले में करीब 5 लाख रुपये की गड़बड़ी और एमएससी के पीएफएमएस भुगतान समेत करीब 50 लाख रुपये के कथित बंदरबांट का आरोप लगाया गया है।इन आरोपों को लेकर आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल में भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन वित्तीय आरोपों की भी आधिकारिक जांच और पुष्टि होना बाकी है।
रीवा कलेक्टर तक पहुंचा मामला
Rewa Education Department: अब पूरा मामला रीवा कलेक्टर के संज्ञान में पहुंच गया है। शिकायतकर्ता पक्ष ने प्रवीण शुक्ला की पूर्व पदस्थापना, पदोन्नति और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और जांच में तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
नई जिम्मेदारी के बीच जांच पर नजर
एक ओर प्रवीण कुमार शुक्ला को रमसा प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं दूसरी ओर उनकी पुरानी पदस्थापना और शिकायतों को लेकर जांच की मांग उठ रही है। ऐसे में अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं।फिलहाल शुक्ला पर लगाए गए सभी आरोप शिकायतों और आरोपों के स्तर पर हैं। इनकी पुष्टि किसी सक्षम जांच एजेंसी या प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष के बाद ही मानी जाएगी।

