समंदर पार बेल्जियम से चली बायो पॉलीमर प्लांट की एक विशाल मशीन इन दिनों उत्तर प्रदेश में लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मशीन को लेकर चल रहा 308 पहियों वाला भारी-भरकम ट्रक चंदौली में पिछले तीन दिनों से रुका हुआ है। यह ट्रक ओडिशा के पारादीप पोर्ट से निकलकर झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंचा है। अब इसका अगला पड़ाव लखीमपुर है, जहां मशीन को पहुंचाया जाना है।
चंदौली में ट्रक के सामने रास्ते की चौड़ाई और ऊंचाई से जुड़ी कई चुनौतियां आ रही हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के पास नेशनल हाईवे-19 के रिंग रोड पर ट्रक के रुकने के बाद मशीन को आगे निकालने की तैयारी की जा रही है। रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए जेसीबी की मदद से वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा रहा है। इतनी बड़ी मशीन और 308 पहियों वाले ट्रक को देखने के लिए आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग भी पहुंच रहे हैं।
बेल्जियम से शुरू हुआ सफर
यह विशाल मशीन बेल्जियम से रवाना हुई थी। समुद्री मार्ग से इसे ओडिशा के पारादीप पोर्ट तक लाया गया, जिसके बाद सड़क मार्ग से लखीमपुर के लिए रवाना किया गया। भारी मशीनरी को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ट्रक को बेहद सावधानी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
308 पहियों वाला ट्रक बना आकर्षण
इतने ज्यादा पहियों वाले ट्रक को देखकर स्थानीय लोग भी हैरान हैं। चंदौली में इसके रुकने की खबर फैलने के बाद आसपास के क्षेत्रों से लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं। भारी मशीन को ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रहा यह विशेष ट्रांसपोर्ट वाहन अपने आकार और क्षमता के कारण चर्चा में है।
रास्ते में क्यों आई रुकावट?
चंदौली में आगे का मार्ग मशीन और ट्रक के आकार के हिसाब से पर्याप्त चौड़ा नहीं है। इसके अलावा ऊंचाई से जुड़ी बाधाएं भी सामने आ रही हैं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन और संबंधित टीम रास्ते को तैयार करने में जुटी है, ताकि ट्रक को बिना नुकसान के आगे निकाला जा सके।
कब तक पहुंचेगा लखीमपुर?
फिलहाल ट्रक चंदौली में रुका हुआ है और रास्ता तैयार किए जाने के बाद ही इसके आगे बढ़ने की स्थिति साफ होगी। लखीमपुर तक पहुंचने में कितना समय लगेगा, यह रास्ते की तैयारियों और आगे आने वाली बाधाओं पर निर्भर करेगा। मशीन को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक पहुंचाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।






