Tuesday, September 29, 2026
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Jabalpur Digital Arrest: जबलपुर में डिजिटल अरेस्ट का खौफ बुजुर्ग दंपति से 26 लाख की ठगी, 7 दिन तक बनाया बंधक

Jabalpur Digital Arrest: जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की डिफेंस कॉलोनी में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपति को कथित तौर पर 7 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर करीब 26 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने दंपति को ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लगातार मानसिक दबाव बनाया।

ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया

जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपति से संपर्क कर उन्हें बताया कि उनके नाम का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में हुआ है। इसके बाद आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसी से जुड़ा बताकर दंपति को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।ठगों ने इतना डर का माहौल बनाया कि बुजुर्ग दंपति लगातार कई दिनों तक आरोपियों के निर्देशों का पालन करते रहे। इसी दौरान उनसे अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया।

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एफडी तुड़वाकर भी खाते में ट्रांसफर कराए पैसे

Jabalpur Digital Arrest: आरोप है कि ठगों ने दंपति पर लगातार पैसों का इंतजाम करने का दबाव बनाया। साइबर अपराधियों के दबाव में बुजुर्ग दंपति ने अपनी बैंक एफडी तक तुड़वा दी और करीब 26 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।कई दिनों तक मानसिक दबाव झेलने के बाद जब दंपति को पूरे मामले में ठगी का संदेह हुआ, तब उन्हें समझ आया कि वे साइबर अपराधियों के जाल में फंस चुके हैं।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित दंपति ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।पुलिस साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए डिजिटल लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

साइबर ठगों के नए तरीके से रहें सावधान

Jabalpur Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के मामलों में अपराधी लोगों को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसियों के नाम का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी जांच एजेंसी द्वारा वीडियो कॉल पर इस तरह पैसे जमा कराने या किसी व्यक्ति को घर में डिजिटल तरीके से गिरफ्तार रखने की प्रक्रिया वैध नहीं होती।

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जबलपुर का यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर अपराधी बुजुर्गों को डर और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर बड़ी रकम ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए किसी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या संदिग्ध बैंक ट्रांसफर के दबाव में आने के बजाय तत्काल पुलिस या संबंधित साइबर सहायता तंत्र से संपर्क करना जरूरी है।

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