Rakesh Agrawal Murder Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच के दौरान एक और गंभीर एंगल सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद घर में रखे दोनों LPG सिलेंडरों के रेगुलेटर/वाल्व खुले मिले। शुरुआती जांच में आशंका है कि घर में गैस फैलाकर आग या ब्लास्ट कराने की कोशिश की गई हो सकती है।हालांकि, आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद सिलेंडरों के रेगुलेटर क्यों खोले गए और क्या आरोपी घर में विस्फोट कराने की योजना बना रहा था।
राकेश अग्रवाल का शव बुधवार तड़के भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर में उनके घर के अंदर मिला था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनके गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। गंभीर चोटों के कारण काफी खून बहने से उनकी मौत हुई।इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया। पुलिस हत्या के पीछे की वजह और घटना के पूरे क्रम को समझने की कोशिश कर रही है।
चार दिन पहले ही रखा गया था नौकर
पुलिस की शुरुआती जांच में वरुण नाम के एक नौकर पर शक सामने आया है। बताया गया है कि वह करीब चार दिन पहले ही केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के जरिए राकेश अग्रवाल के घर काम पर आया था।घटना के बाद से वरुण घर से फरार है। पुलिस को उसके खिलाफ शक इसलिए भी गहरा हुआ है क्योंकि वारदात के बाद वह घर से गायब हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।हालांकि, अभी तक पुलिस ने उसे हत्या का दोषी नहीं बताया है। मामले में उसकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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वारदात के बाद क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर घर में रखे दोनों LPG सिलेंडरों के रेगुलेटर खोल दिए। इससे गैस का रिसाव शुरू होने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह किसी साजिश का हिस्सा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।अगर घर में गैस लंबे समय तक जमा रहती तो आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। इसी वजह से पुलिस इस एंगल को भी गंभीरता से जांच रही है। फिलहाल पुलिस ने घटना के पीछे की पूरी योजना और संभावित मकसद को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
केयरटेकर एजेंसी भी जांच के घेरे में
जांच में यह बात भी सामने आई है कि वरुण का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था। जिस केयरटेकर एजेंसी के माध्यम से उसे राकेश अग्रवाल के घर भेजा गया था, उसके संचालक को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है।पुलिस एजेंसी के कामकाज, वरुण की भर्ती, उसके पहचान संबंधी दस्तावेज और वेरिफिकेशन प्रक्रिया की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित एजेंसी करीब चार महीने पहले शुरू हुई थी।अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वरुण को नौकरी पर रखने से पहले उसके दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की गई और एजेंसी ने उसकी पृष्ठभूमि की पुष्टि की थी या नहीं।
परिवार को दी गई सूचना
राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर में रहते थे। उनका बेटा सिद्धार्थ अग्रवाल अमेरिका में रहता है। पुलिस ने उसे पिता की हत्या की जानकारी दे दी है।फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार नौकर वरुण की तलाश में जुटी हैं। साथ ही हत्या, घर में गैस के रेगुलेटर खोले जाने और केयरटेकर एजेंसी की भूमिका को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।






