Singrauli News: सिंगरौली। जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब सरई तहसील के ग्राम पोड़ीडोल की एक महिला सिर पर पिछले वर्ष की कटी हुई धान की फसल रखकर कलेक्ट्रेट पहुंची। महिला ने अपनी समस्या को अनोखे तरीके से प्रशासन के सामने रखते हुए बताया कि वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर अवरोध खड़ा कर दिए जाने के कारण वह खेत से अपनी फसल तक नहीं निकाल पा रही है। मजबूरी में उसे अपनी पीड़ा बताने के लिए धान की फसल सिर पर रखकर जनसुनवाई में आना पड़ा।
रास्ता बंद होने से खेत में ही पड़ी रही धान की फसल
महिला ने बताया कि उसके घर और खेत तक पहुंचने वाला सार्वजनिक मार्ग बंद कर दिया गया है। रास्ता नहीं होने के कारण पिछले वर्ष तैयार हुई धान की फसल खेत से बाहर नहीं लाई जा सकी। हालत यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी फसल की मड़ाई नहीं हो सकी और मेहनत की पूरी कमाई खेत में ही पड़ी रह गई। इससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बार-बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
Singrauli News: पीड़िता का आरोप है कि उसने कई बार संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन से रास्ता खुलवाने की मांग की, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते वह थक चुकी है, लेकिन उसकी समस्या जस की तस बनी हुई है। रास्ता बंद होने से खेती-किसानी के साथ परिवार का दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
प्रतीकात्मक विरोध से खींचा प्रशासन का ध्यान
महिला ने कहा कि जब उसकी शिकायतों पर लगातार ध्यान नहीं दिया गया, तब उसने अपनी परेशानी को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सिर पर धान की फसल रखकर जनसुनवाई में पहुंचने का फैसला किया। उसका कहना था कि यह केवल उसकी फसल नहीं, बल्कि उसकी सालभर की मेहनत और परिवार की आजीविका का प्रतीक है, जो रास्ता बंद होने के कारण बर्बाद हो रही है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
Singrauli News: महिला की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर ने संबंधित राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों को पूरे मामले की तत्काल जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक मार्ग पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा या बाधा पाई जाती है तो उसे हटाकर रास्ता जल्द से जल्द बहाल किया जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों ने भी उठाई जल्द समाधान की मांग
Singrauli News: जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने भी महिला की समस्या का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक रास्ते पर अवरोध केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की समस्या बन जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि मामले का शीघ्र निराकरण कर महिला को न्याय दिलाया जाए और किसानों को उनकी खेती-किसानी के लिए सुगम रास्ता उपलब्ध कराया जाए।
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महिला की यह अनोखी फरियाद अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। सिर पर धान की फसल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची इस तस्वीर ने न केवल प्रशासन का ध्यान खींचा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक रास्तों से जुड़ी समस्याओं और किसानों की परेशानियों को भी उजागर कर दिया।




