National Examination Reform Action Plan: नई दिल्ली। नीट यूजी (NEET-UG) पर्चा लीक विवाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में उठते सवालों और देशभर में छात्रों के व्यापक आंदोलन के बीच केंद्र सरकार प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए अत्यंत सख्त व क्रांतिकारी कदम उठा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम) हैंडल पर तीसरा वीडियो संदेश साझा करते हुए घोषणा की है कि देश की परीक्षा प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाने के उद्देश्य से विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ श्री नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक ‘हाई-पावर्ड टास्क फोर्स’ (High-Powered Task Force) का गठन किया गया है।
“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले जेल में सड़ रहे हैं” – पीएम मोदी
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा:
“फ्रेंड्स, विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेकविध कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे जेलों में सड़ रहे हैं। हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए हैं। हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति आश्वस्त हो, पारदर्शी (Transparent) हो और उसमें सबसे ज्यादा टेक्नोलॉजी का उपयोग हो—इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नंदन नीलेकणि जी के नेतृत्व में टास्क फोर्स का निर्णय किया गया है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट देगा।”
नंदन नीलेकणि को कमान: डिजिटल टेक्नोलॉजी से मजबूत होगी परीक्षा व्यवस्था
टास्क फोर्स के अध्यक्ष बनाए गए नंदन नीलेकणि इन्फोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक हैं और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने भारत की ‘आधार’ (Aadhaar) परियोजना को सफलतापूर्वक लीड किया था और देश के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब उनके नेतृत्व में बनने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगामी सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं में एआई (AI), ब्लॉकचेन, एडवांस डेटा सिक्योरिटी और आधुनिक डिजिटल सर्विलांस का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि पर्चा लीक और धांधली की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
संसद में आज पेश होगा ‘सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026’
सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और नकल माफिया पर कानूनी नकेल कसने के लिए आज, 27 जुलाई 2026 को संसद में एक बेहद महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है।
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विधेयक का नाम: ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026’ (Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026)
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किसने किया पेश: संसदीय कार्य एजेंडे के तहत केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को पटल पर रखेंगे।
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कड़े प्रावधान: नए संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक सिंडिकेट, सॉल्वर गिरोहों और धांधली में शामिल पाए जाने वाले अधिकारियों के लिए कड़े कारावास, भारी जुर्माने तथा संपत्ति कुर्क करने जैसे सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
सड़क से लेकर संसद तक नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर हुए भारी विरोध और छात्रों के साथ तीन दौर की सफल वार्ता के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।
सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव करते हुए NTA के ढांचे में सुधार शुरू कर दिए हैं तथा शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दिया है।
सरकार के इन चौतरफा फैसलों—फास्ट ट्रैक कोर्ट्स, कड़े विधायी प्रावधानों, प्रशासनिक फेरबदल और नीलेकणि टास्क फोर्स के गठन—से देश के लाखों परीक्षार्थियों और युवाओं में नई उम्मीद जगी है।






