Tricolor Row in Mandsaur Collectorate: मंदसौर में प्रदर्शन के दौरान उल्टा तिरंगा लहराने पर भारी विवाद; कलेक्ट्रेट परिसर का वीडियो वायरल

VIKASH KHALKHO

Tricolor Row in Mandsaur Collectorate: मंदसौर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से राष्ट्रध्वज के अपमान और भारी लापरवाही से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया है। गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रध्वज (तिरंगे) को उल्टा फहराए और लहराए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों के बीच एक व्यक्ति के हाथ में राष्ट्रध्वज उल्टी दिशा में लहराता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शनकारियों की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर कड़ा आक्रोश जताया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों व विद्यार्थियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज और दमनकारी कार्रवाई के विरोध में मंदसौर में प्रदर्शन आयोजित किया गया था।

  • प्रदर्शन का नेतृत्व: यह विरोध प्रदर्शन पूर्व कांग्रेस नेता और हालिया चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके स्थानीय नेता श्यामलाल जोकचंद के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।

  • कलेक्ट्रेट में घेराव: श्यामलाल जोकचंद अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे थे, जहां वे अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने जा रहे थे।

हरा रंग ऊपर और केसरिया नीचे, नारेबाजी में नहीं गया ध्यान

कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जब प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र नारेबाजी कर रहे थे, उसी दौरान भीड़ के बीच में खड़े एक युवक के हाथ में थमा तिरंगा उल्टा नजर आया। ध्वज में हरा रंग सबसे ऊपर और केसरिया रंग नीचे की तरफ था।

विरोध प्रदर्शन के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच वहां मौजूद आयोजकों या नेताओं का इस गंभीर चूक की तरफ ध्यान नहीं गया। हालांकि, मौके पर खड़े कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और मीडियाकर्मियों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर शेयर होने लगा।

“यह राष्ट्रध्वज का सीधा अपमान” — स्थानीय लोगों में गुस्सा

उल्टे तिरंगे का वीडियो वायरल होते ही मंदसौर शहर में इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गईं और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

कई नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने इसे भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) का उल्लंघन और राष्ट्रध्वज का प्रत्यक्ष अनादर करार दिया। लोगों का कहना था कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती। वीडियो के वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद आयोजकों को भी अपनी इस बड़ी चूक का अहसास हुआ।

पुलिस व प्रशासन का रुख

फिलहाल, इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन या मंदसौर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस नोट या बयान जारी नहीं किया गया है।

प्रशासनिक सूत्र:

पुलिस सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया था या अनजाने में हुई चूक थी। जांच के बाद ही आगे की उचित वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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