Sonam Raghuvanshi Bail Cancelled: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को अब तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के सामने सरेंडर करना होगा। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि यदि छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो वह दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं।
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कथित कमी के आधार पर राहत देकर गलती की। अदालत के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तारी के कारण पूरी तरह नहीं बताए गए थे, ऐसा कहना सही नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होने का मामला मेघालय में हुए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा है। आरोप है कि शादी के बाद हनीमून पर गए राजा रघुवंशी की हत्या कर उनका शव खाई में फेंक दिया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस घटना में सोनम रघुवंशी के साथ अन्य लोगों की भी भूमिका रही।सोनम को 9 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जब वह घटना के बाद कथित रूप से लापता थीं।
News Alert! SC sets aside bail granted to Sonam Raghuvanshi, accused of killing her husband during their honeymoon.
SC grants 3 weeks to Sonam Raghuvanshi to surrender before police. pic.twitter.com/zmTLzIkIsm
— Press Trust of India (@PTI_News) July 23, 2026
गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर क्या बोला कोर्ट?
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के कारण बिल्कुल नहीं बताना और कारणों की जानकारी में तकनीकी कमी होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई थी और मजिस्ट्रेट के सामने उसने संबंधित दस्तावेज मिलने की बात भी स्वीकार की थी। इसलिए केवल तकनीकी आधार पर राहत देना उचित नहीं था।
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‘जमानत नियम है, लेकिन…’
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सामान्य तौर पर जमानत नियम और जेल अपवाद मानी जाती है। लेकिन इस मामले में पहले ही मेरिट के आधार पर जमानत खारिज हो चुकी थी और मुकदमे की सुनवाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में आरोपी का जमानत पर बाहर रहना ट्रायल को प्रभावित कर सकता है।
तीन हफ्ते में करना होगा सरेंडर
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने के साथ सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो वह नई जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होंगी।
मामले की सुनवाई जारी
सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होने के बाद अब सभी की नजर इस मामले की आगे की सुनवाई पर रहेगी। कोर्ट के निर्देश के अनुसार अब ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी और आगे के साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर मामले में अगली कानूनी कार्रवाई होगी।







