ITR New Rules 2026: आईटीआर नए नियम 2026 के तहत इस बार आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया पहले से अधिक विस्तृत और पारदर्शी बनाई गई है। आयकर विभाग ने करदाताओं के लिए नए प्रावधान लागू किए हैं, जिनके अनुसार अब केवल टैक्स योग्य आय ही नहीं, बल्कि कई तरह की करमुक्त प्राप्तियों का विवरण भी रिटर्न में देना अनिवार्य होगा। हालांकि इन राशियों पर पहले की तरह टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन उनकी जानकारी देना जरूरी रहेगा।
आईटीआर नए नियम 2026 के अनुसार शादी-विवाह में मिले उपहार, रिश्तेदारों से प्राप्त गिफ्ट, सरकारी योजनाओं के तहत मिली सब्सिडी, सोलर पैनल लगाने पर मिली वित्तीय सहायता और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिले लाभ का उल्लेख भी ITR में करना होगा।इसके अलावा वसीयत से मिली संपत्ति, संयुक्त हिंदू परिवार (HUF) के बंटवारे से प्राप्त संपत्ति, कृषि भूमि की बिक्री से मिली राशि और विभिन्न सरकारी योजनाओं, जैसे महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता का विवरण भी रिटर्न में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
क्यों किया गया यह बदलाव?
आईटीआर नए नियम 2026 का उद्देश्य करदाताओं के बैंक खातों में आने वाली राशि के स्रोत का सही रिकॉर्ड रखना और वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना है। आयकर विभाग चाहता है कि बैंक खाते में जमा हर महत्वपूर्ण राशि का सही विवरण उपलब्ध रहे, ताकि भविष्य में किसी तरह का भ्रम या विवाद न हो।विशेषज्ञों का मानना है कि इससे करदाताओं और विभाग दोनों के लिए रिकॉर्ड का मिलान आसान होगा।
विशेषज्ञों ने दी यह अहम सलाह
वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं टैक्स बार ट्रिब्यूनल के सदस्य चेतन तारवानी के अनुसार आईटीआर नए नियम 2026 के तहत रिटर्न दाखिल करने से पहले बैंक स्टेटमेंट की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। यदि किसी सरकारी योजना, अनुदान या सब्सिडी की राशि खाते में आई है, तो उसका सही उल्लेख ITR में अवश्य करें।उन्होंने कहा कि नया प्रारूप करमुक्त प्राप्तियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने में मदद करेगा और भविष्य में अनावश्यक नोटिस से भी बचा सकता है।
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31 जुलाई है ITR भरने की अंतिम तारीख
आईटीआर नए नियम 2026 के तहत नौकरीपेशा और अन्य पात्र करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है। आयकर विभाग ITR-1 (सहज), ITR-2, ITR-3, ITR-4 (सुगम), ITR-5 और ITR-7 की एक्सेल यूटिलिटी पहले ही जारी कर चुका है।यदि तय समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल किया जाता है तो आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत विलंब शुल्क देना होगा। पांच लाख रुपये तक की कुल आय पर एक हजार रुपये और इससे अधिक आय होने पर पांच हजार रुपये तक की लेट फीस लग सकती है। यदि कोई टैक्स बकाया है तो उस पर प्रति माह एक प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा।
ITR भरने से पहले तैयार रखें ये जरूरी दस्तावेज
आईटीआर नए नियम 2026 के अनुसार रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहतर रहेगा। इनमें शामिल हैं—
- बैंक स्टेटमेंट और पासबुक
- फॉर्म-16 और फॉर्म-26AS
- AIS (Annual Information Statement)
- TIS (Taxpayer Information Summary)
- सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन से जुड़े बिल
- सरकारी सब्सिडी या अनुदान के स्वीकृति पत्र
- जमीन की रजिस्ट्री और बिक्री संबंधी दस्तावेज
- शादी या रिश्तेदारों से मिले उपहार का रिकॉर्ड
- वसीयत या पारिवारिक बंटवारे से जुड़े दस्तावेज
रिटर्न में गलती हो जाए तो क्या करें?
अगर आईटीआर नए नियम 2026 के तहत रिटर्न दाखिल करने के बाद किसी आय, उपहार या सरकारी सहायता की जानकारी छूट जाती है, तो करदाता निर्धारित समय के भीतर Revised ITR दाखिल कर सकते हैं। टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग के नोटिस का इंतजार करने के बजाय स्वयं समय रहते गलती सुधारना अधिक सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।







