MP Monsoon Session 2026: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत से पहले ही राजधानी भोपाल में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया। विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस विधायक, पूर्व मंत्री और पार्टी नेताओं ने किसानों की समस्याओं, फसल नुकसान, खाद-बीज संकट और समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।
24 जुलाई तक चलने वाले इस मानसून सत्र को कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार जहां एक ओर पहला अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है, वहीं समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों को भी सदन में पेश किए जाने की संभावना है। ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस के आसार पहले ही दिखाई देने लगे हैं।
सदन शुरू होने से पहले कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन
MP Monsoon Session 2026: मानसून सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस ने विधानसभा परिसर के बाहर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्टी नेताओं ने किसानों की समस्याओं, प्रदेश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और सरकार की नीतियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान खाद, बीज, सिंचाई, फसल बीमा और उचित मुआवजे जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में लगातार किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं, जबकि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। विपक्ष ने मांग की कि किसानों की समस्याओं पर सदन में गंभीर चर्चा कर ठोस समाधान निकाला जाए।
यूसीसी को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना
MP Monsoon Session 2026: कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी सरकार को घेरा। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर चर्चा करनी चाहिए।
हालांकि सरकार का कहना है कि यूसीसी समाज में समानता और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और इसे पूरी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विधानसभा में पेश किया जाएगा।
24 जुलाई तक चलेगा मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा का यह मानसून सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी, जिसमें विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किए जाने की संभावना है।इसके अलावा कानून-व्यवस्था, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचा और विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आएंगे।
यूसीसी विधेयक रहेगा सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा
MP Monsoon Session 2026: इस मानसून सत्र का सबसे चर्चित विषय समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक माना जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई थी। अब इसे विधानसभा में पेश करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
यदि विधेयक सदन में पेश होता है तो इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी और तीखी बहस देखने को मिल सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विधेयक इस पूरे सत्र का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित विषय रहेगा।
किसानों, महंगाई और कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरने की तैयारी
MP Monsoon Session 2026: कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मानसून सत्र के दौरान किसानों की समस्याओं, बिजली संकट, महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी।वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे के साथ सदन में पहुंचेगी और विपक्ष के हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दिया जाएगा।
सियासी टकराव के बीच शुरू हुआ अहम विधानसभा सत्र
मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि आने वाले पांच दिनों तक विधानसभा के अंदर और बाहर राजनीति पूरी तरह गर्म रहने वाली है। किसानों के मुद्दे, यूसीसी विधेयक, अनुपूरक बजट और प्रदेश के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि सदन में इन मुद्दों पर क्या फैसला होता है और सरकार विपक्ष के सवालों का किस तरह जवाब देती है।







