MP Cyber Fraud: साइबर ठगी के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस का बड़ा फैसला, अब ₹25 हजार की ऑनलाइन ठगी में भी दर्ज होगी ई-एफआईआर; पीड़ितों को थाने के चक्कर से मिलेगी राहत

Anuj Nirala

MP Cyber Fraud: भोपाल। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब तक राज्य में साइबर ठगी के मामलों में ई-एफआईआर (e-FIR) दर्ज कराने के लिए कम से कम 1 लाख रुपये की धोखाधड़ी होना आवश्यक था, लेकिन अब इस नियम में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब 25 हजार रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में भी पीड़ित ऑनलाइन ई-एफआईआर दर्ज करा सकेंगे।

मध्य प्रदेश पुलिस का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, फिशिंग, यूपीआई फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के जरिए ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। माना जा रहा है कि इस फैसले से हजारों साइबर ठगी पीड़ितों को बड़ी राहत मिलेगी।

अब छोटी रकम की साइबर ठगी भी होगी गंभीरता से दर्ज

पहले साइबर ठगी के कई मामलों में पीड़ितों को केवल इसलिए ई-एफआईआर की सुविधा नहीं मिल पाती थी क्योंकि ठगी की राशि एक लाख रुपये से कम होती थी। अब इस सीमा को घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जो अब तक इस सुविधा से वंचित थे।इस फैसले का उद्देश्य साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग बढ़ाना और समय रहते अपराधियों तक पहुंच बनाना है।

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थानों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

MP Cyber Fraud: नई व्यवस्था लागू होने के बाद साइबर ठगी के शिकार लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए बार-बार पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पात्र मामलों में वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से ई-एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शिकायत प्रक्रिया भी अधिक सरल, पारदर्शी और तेज होगी।पुलिस का मानना है कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने से शुरुआती कार्रवाई में देरी नहीं होगी और डिजिटल साक्ष्यों को समय रहते सुरक्षित किया जा सकेगा।

जांच और कार्रवाई में आएगी तेजी

MP Cyber Fraud: साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि शिकायत समय पर दर्ज हो जाए तो बैंक खाते फ्रीज कराना, संदिग्ध ट्रांजैक्शन रोकना, मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस ट्रैक करना तथा डिजिटल साक्ष्य जुटाना आसान हो जाता है।नई व्यवस्था के लागू होने से पुलिस को समय पर सूचना मिलेगी, जिससे साइबर अपराधियों तक जल्दी पहुंचने और ठगी की रकम वापस दिलाने की संभावना भी बढ़ेगी।

साइबर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

MP Cyber Fraud: मध्य प्रदेश पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लगातार नई तकनीकों और आधुनिक व्यवस्था का उपयोग किया जा रहा है। ई-एफआईआर की सीमा घटाने का फैसला भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी और अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

आम नागरिकों को मिलेगा त्वरित न्याय

MP Cyber Fraud: राज्य पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराध के प्रत्येक पीड़ित को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था से न केवल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि जांच, कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी में भी तेजी आएगी।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला प्रदेश में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा लोगों का पुलिस और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली पर भरोसा भी बढ़ाएगा। आने वाले समय में इस व्यवस्था का लाभ हजारों साइबर ठगी पीड़ितों को मिलने की उम्मीद है।

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