Saturday, August 15, 2026
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MP NEWS: MP में छात्र संघ चुनाव की आहट, 8 साल से बंद छात्र संघ चुनाव पर HC सख्त, कहा ऐसे तो पिछड़ जाएगा मध्य प्रदेश

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MP NEWS: भोपाल : मध्य प्रदेश में रुके हुए छात्र संघ चुनाव को लेकर दायर याचिका में कोर्ट ने कहा की छात्र राजनीति से ही नेशनल लेवल के लीडर मिलते हैं, चुनाव न कराने से मध्य प्रदेश बाकि राज्यों से पीछे रह जाएगा। मध्य प्रदेश में वर्ष 2017 से रुके हुए छात्र संघ चुनावों को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।

MP NEWS: एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजनल बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ शब्दों में कहा कि “यदि छात्रों को नेतृत्व का मौका ही नहीं दिया जाएगा,तो मध्य प्रदेश बाकी राज्यों से राष्ट्रीय नेतृत्व की दौड़ में पिछड़ जाएगा।यह याचिका NSUI मध्यप्रदेश के सेक्रेटरी अधिवक्ता अदनान अंसारी ने साल 2024 में दायर की थी। उन्होंने बताया कि लगातार सरकार से पत्राचार करने और धरना प्रदर्शन के बाद भी जब न्याय नहीं मिला तब उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली। यह याचिका में पहले केवल रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय तक सीमित थी, लेकिन अब इसमें संशोधन करते हुए सरकार सहित मध्य प्रदेश की सभी 16 विश्वविद्यालयों को इसमें प्रतिवादी बनाया गया है.

MP NEWS: याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अक्षरदीप ने अदालत में बताया कि 2017 से प्रदेश में किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए,और यह सीधे तौर पर छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया मध्य प्रदेश सरकार का 2024-25 का आधिकारिक शैक्षणिक कैलेंडर भी यह निर्देश देता है कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को सितंबर 2025 के पहले स्टूडेंट बॉडी (छात्र कार्यकारिणी) का गठन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद न तो किसी प्रकार की अधिसूचना जारी की गई है,न ही कोई चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

MP NEWS: मध्य प्रदेश की छात्र राजनीति का इतिहास गौरवशाली रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय जैसे कई नामों की फेहरिस्त है जिसमें दिग्गज नेता छात्र राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में चमके हैं।

MP NEWS: लेकिन विडंबना यह है कि 2017 के बाद से सरकार ने छात्र संघ चुनाव पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। तर्क दिया गया कि चुनावों में हिंसा की आशंका रहती है,लेकिन असल में इस निर्णय को कई छात्र संगठन राजनीतिक नियंत्रण और नेतृत्व के उभरने से डर से जोड़कर देखते हैं। हाईकोर्ट ने प्रदेश की सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे छात्र संघ चुनाव और कार्यकारिणी के गठन की दिशा में अब तक उठाए गए कदमों और छात्र संघ चुनाव की तैयारी की विस्तृत जानकारी तीन सप्ताह के भीतर कोर्ट को दें। इस मामले की अगली सुनवाई अब 5 अगस्त 2025 को होगी।

MP NEWS: मध्य प्रदेश में छात्रों दोनों के बड़े संगठन भी छात्र संघ चुनाव के पक्ष में है जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस छात्रों के राजनीति में नेतृत्व को बढ़ाने से जोड़कर देखा है । तो NSUI सरकार पर अपनी नाकामी छिपाने के लिए छात्र संघ चुनावों से सरकार ने दूरी बनाने के आरोप लगता रहा है।एनएसयूआई के सचिन रजक का कहना है कि सरकार अपने घोटालों पर छात्रों के बीच उठने वाली आवाज को दबाने के लिए चुनाव से दूर रही है। वही इस मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री ऐश्वर्या सोनकर का कहना है कि हम भी छात्र संघ चुनाव की मांग करते हैं.

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