CG EOW Big Action: करोड़ों की बेनामी संपत्ति: आय 6 करोड़ और खर्च 11.28 करोड़, पूर्व अफसर राजेंद्र सिंह क्षत्रीय को EOW ने किया गिरफ्तार; भेजा गया जेल

VIKASH KHALKHO

CG EOW Big Action: रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) और करोड़ों की बेनामी संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू ने कृषि विभाग के सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक राजेंद्र सिंह क्षत्रीय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ अपनी वैध कमाई से लगभग दोगुना से अधिक खर्च करने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद यह कड़ा एक्शन लिया गया है।

वैध आय से 87.96 प्रतिशत अधिक मिला खर्च

मामले की विस्तृत जानकारी के अनुसार, आरोपी राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय (उम्र 63 वर्ष), पिता स्वर्गीय रमाकांत सिंह, तत्कालीन उत्पादन सहायक एवं वर्तमान सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक के खिलाफ ईओडब्ल्यू/एसीबी थाना रायपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गहन तकनीकी व वित्तीय जांच की गई थी।

इस जांच के दौरान जो वित्तीय आंकड़े सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। ईओडब्ल्यू की टीम ने पाया कि आरोपी राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय द्वारा अपनी सेवा अवधि के दौरान तमाम वैध आय स्रोतों से कुल 6,00,47,497.77 (लगभग 6 करोड़) रुपये की वैध आय अर्जित की गई थी। इसके विपरीत, इसी समान अवधि में आरोपी द्वारा अलग-अलग चल-अचल संपत्तियों, विलासिता और बेनामी निवेशों में कुल 11,28,67,045.50 (लगभग 11.28 करोड़) रुपये का भारी-भरकम व्यय किया गया। इस प्रकार आरोपी ने अपनी कुल वैध आय से 5,28,19,547.73 (लगभग 5.28 करोड़) रुपये अधिक खर्च किए, जो कि उनकी वास्तविक और वैध आय से 87.96 प्रतिशत अधिक है।

विशेष न्यायालय बैकुंठपुर के आदेश पर भेजा गया जिला जेल

ईओडब्ल्यू की जांच टीम को आरोपी अधिकारी के खिलाफ काली कमाई को छिपाने और बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के कई पुख्ता और अकाट्य साक्ष्य मिले। इन साक्ष्यों को आधार बनाते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 13(1)(बी) और 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित वर्ष 2018) के तहत अपनी कार्रवाई तेज की।

न्यायालय से जारी हुआ जेल वारंट:

कार्रवाई के अगले चरण में, 17 जुलाई 2026 को आरोपी राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें न्यायिक रिमांड के लिए विशेष न्यायालय बैकुंठपुर (जिला कोरिया) के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और ईओडब्ल्यू द्वारा प्रस्तुत किए गए वित्तीय दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त जेल वारंट जारी कर दिया। इसके बाद आरोपी को तुरंत जिला जेल बैकुंठपुर में दाखिल करा दिया गया है।

निष्कर्ष: बेनामी निवेशों के नेटवर्क की खंगाल रही है पुलिस

सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक राजेंद्र सिंह क्षत्रीय की इस रसूखदार गिरफ्तारी के बाद कृषि विभाग और अन्य तकनीकी महकमों में हड़कंप मच गया है। ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम अब इस बात की विस्तृत विवेचना कर रही है कि 5.28 करोड़ रुपये की यह अतिरिक्त काली कमाई किन-किन माध्यमों से हासिल की गई थी। इसके साथ ही आरोपी द्वारा अपने करीबियों, परिवार के सदस्यों या फर्जी नामों (शेल एंटिटीज) से खरीदी गई अन्य संपत्तियों और रियल एस्टेट निवेशों के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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