Mahasamund Water Conservation Campaign: कभी-कभी किसी जिले की पहचान उसकी सड़कों, इमारतों या उद्योगों से नहीं, बल्कि वहां के लोगों की सोच से बनती है। महासमुंद जल संरक्षण अभियान ने यही साबित किया है। जहां हर साल गर्मियों में पानी की कमी लोगों की सबसे बड़ी चिंता बन जाती थी, वहीं इस बार लोगों ने बारिश आने का इंतजार करने के बजाय उसकी हर बूंद को संभालने की तैयारी पहले ही कर ली। नतीजा यह हुआ कि मानसून की पहली बारिश ने जिले को करोड़ों लीटर पानी का ऐसा खजाना दे दिया, जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है।





