Indore Cyber Fraud: डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर रिटायर्ड रेलवे अफसर से ₹45 लाख की ठगी, अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

Anuj Nirala

Indore Cyber Fraud: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर एक रिटायर्ड रेलवे अधिकारी से 45 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ स्टेट साइबर सेल को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में गुजरात के अहमदाबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) का अधिकारी बताकर बुजुर्ग को गिरफ्तारी का डर दिखाया और मानसिक दबाव बनाकर लाखों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।

TRAI अधिकारी बनकर रचा साइबर जाल

पुलिस के अनुसार, पीड़ित इंदौर के एक सेवानिवृत्त रेलवे मंडल संरक्षा अधिकारी हैं, जो अकेले रहते हैं जबकि उनके बच्चे विदेश में रहते हैं।9 अगस्त 2025 को उन्हें एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को TRAI का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है और उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई होने वाली है।

READ MORE: Gwalior Cyber Fraud: फर्जी होटल वेबसाइट का जाल! दिल्ली-आगरा ट्रिप की बुकिंग के नाम पर सेना अधिकारी की पत्नी से ₹50 हजार की साइबर ठगी

24 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का बनाया दबाव

Indore Cyber Fraud:  ठगों ने वीडियो कॉल और स्काइप के माध्यम से पीड़ित को लगभग 24 घंटे तक लगातार निगरानी में रखा। इस दौरान उन्हें कथित गिरफ्तारी वारंट, जांच और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मानसिक रूप से भयभीत किया गया।

साइबर अपराधियों ने बुजुर्ग से उनकी बैंक जमा राशि, चल-अचल संपत्ति और निवेश से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने का झांसा देकर 45 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।

स्टेट साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई

शिकायत मिलते ही स्टेट साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई थी, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अब तक 15 लाख रुपये की राशि पीड़ित को वापस दिला दी है।

अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

Indore Cyber Fraud: तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन की पड़ताल के आधार पर पुलिस ने अहमदाबाद निवासी हीरल कंसारा को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी कई कंपनियों का संचालन करता था और उसके खिलाफ गुजरात और हरियाणा में भी साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

READ MORE: MP Road Accident: रफ्तार का कहर! बेकाबू टवेरा ने बस स्टैंड पर मचाई तबाही, लोगों को रौंदते हुए दुकान में घुसी; हादसे का CCTV आया सामने

पुलिस की अपील

स्टेट साइबर सेल ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, CBI, ED, TRAI या अन्य विभाग फोन या वीडियो कॉल पर किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। यदि इस तरह की कोई कॉल आए तो घबराने के बजाय तुरंत कॉल काटें और साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *