Wednesday, August 19, 2026
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TMC Symbol Dispute: ममता बनर्जी का बागियों को खुला चैलेंज: ‘मुझे रोकना है तो पहले मारना होगा’; खुद संभाली TMC की कमान, हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास बना नया पार्टी मुख्यालय

TMC Symbol Dispute: कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के महज दो महीने के भीतर ही सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में उपजा अंदरूनी सियासी घमासान अब पूरी तरह से आर-पार की जंग में तब्दील हो चुका है। शनिवार, 4 जुलाई 2026 को कोलकाता में आयोजित एक अहम विधिक व राजनैतिक बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बागी गुट और विद्रोही नेताओं पर तीखा हमला बोला। अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में ममता बनर्जी ने विद्रोहियों को खुला संदेश देते हुए कहा कि, “अगर मुझे रोकना है तो पहले मुझे मारना होगा।” उन्होंने बागी गुट के सभी नेताओं को ‘गद्दार’ की संज्ञा देते हुए साफ किया कि पार्टी का असली विधिक ढांचा और मूल चुनाव चिह्न उन्हीं के नेतृत्व वाले गुट के पास सुरक्षित रहेगा।

सलाहकार बनने का ऑफर ठुकराया, दबाव के आगे झुकने से इनकार

पार्टी में मचे इस विसंगतिपूर्ण संकट के बीच ममता बनर्जी ने पहली बार कई पर्दे हटाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बागी गुट की ओर से उन्हें सीधे तौर पर पार्टी का मार्गदर्शक या सलाहकार बनने का औपचारिक प्रस्ताव मिला था। ममता ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह किसी भी विधिक या राजनैतिक परिस्थिति में गद्दारों के साथ नहीं जाएंगी। उन्होंने तीखा आरोप लगाया कि तृणमूल के कई शीर्ष और कनिष्ठ नेता केंद्रीय जांच एजेंसियों और राजनीतिक दबाव में आकर पार्टी छोड़ रहे हैं, लेकिन वह स्वयं या उनकी मूल पार्टी भाजपा अथवा किसी अन्य बाहरी दबाव के सामने कभी नहीं झुकेंगे।

तृणमूल भवन के लीज समझौते पर विधिक स्पष्टीकरण

बागी गुट द्वारा कोलकाता स्थित ‘तृणमूल भवन’ पर दावा ठोकने और कब्जे के प्रयासों पर ममता बनर्जी ने विधिक स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय एक वैध लीज एग्रीमेंट के तहत किराए पर लिया गया था, जिसकी कानूनी अवधि अक्टूबर 2027 तक पूरी तरह से वैध है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी व्यक्ति विशेष या गुट के पार्टी छोड़ देने से एक स्थापित राजनैतिक संस्था समाप्त नहीं हो जाती। कोई भी व्यक्ति या बागी समूह पार्टी की विधिक संपत्ति पर जबरन कब्जा नहीं कर सकता।

खुद संभाली कमान, हरीश चटर्जी स्ट्रीट बना नया मुख्यालय

ममता बनर्जी ने बागी विधायकों की विधिक और नैतिक स्थिति पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों (Nomination Papers) पर उन्होंने खुद दो महीने पहले संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में हस्ताक्षर किए थे, वे इतनी जल्दी अपनी विचारधारा कैसे बदल सकते हैं? उन्होंने दावा किया कि तृणमूल की मूल विचारधारा पूरी तरह से भाजपा विरोधी है, इसलिए जो लोग भाजपा के एजेंडे पर चल रहे हैं, वे मूल तृणमूल कांग्रेस होने का दावा विधिक रूप से नहीं कर सकते।

पार्टी की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद उत्पन्न हुई प्रशासनिक विसंगति को दूर करते हुए ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने घोषणा की कि वह अब तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय इकाई और बंगाल राज्य इकाई, दोनों की कमान खुद संभालेंगी। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके हरीश चटर्जी स्ट्रीट आवास कार्यालय को ही अब से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का नया मुख्य प्रशासनिक मुख्यालय माना जाएगा।

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