Mahtari Vandan Yojana: रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की लाखों विवाहित महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। योजना के तहत मिलने वाली प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता के क्रम में अब लाभार्थी महिलाओं को अपनी 29वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है। सचिवालय और विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार इस योजना की अगली किस्त आगामी 1 जुलाई को सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक या औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस किस्त से प्रदेश की लगभग 68 लाख 54 हजार महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
घर बैठे मोबाइल से मिनटों में चेक करें लाभार्थी स्थिति (Status Check)
अक्सर किस्त जारी होने के बाद बैंक सर्वर डाउन होने या मैसेज न आने के कारण महिलाओं को बैंक और कियोस्क सेंटरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने आधिकारिक पोर्टल पर बेहद सरल तकनीकी व्यवस्था की है। महिलाएं नीचे दिए गए चरणों का पालन कर अपने मोबाइल से ही भुगतान की सही स्थिति जान सकती हैं:
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सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट mahtarivandan.cgstate.gov.in पर जाएं।
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मुख्य पृष्ठ (होम पेज) पर उपलब्ध “Beneficiary Application Status” (लाभार्थी स्थिति) के विकल्प का चयन करें।
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इसके बाद नए विंडो में अपना लाभार्थी क्रमांक, पंजीकृत मोबाइल नंबर अथवा अपना आधिकारिक पहचान नंबर दर्ज करें।
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अंत में दिए गए सुरक्षा कैप्चा कोड को दर्ज कर ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करते ही आपके स्क्रीन पर भुगतान का पूरा विवरण प्रदर्शित हो जाएगा।
अगर खाते में न आए पैसे तो तुरंत दर्ज कराएं ऑनलाइन शिकायत, नहीं काटने होंगे दफ्तर के चक्कर
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी तकनीकी खराबी, बैंक खाते के डीबीटी लिंक न होने या अन्य किसी कारणवश आपके खाते में किस्त की राशि जमा नहीं होती है, तो घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन शिकायत निवारण (Grievance Redressal System) की मजबूत व्यवस्था की है।
पीड़ित महिलाएं सीधे पोर्टल पर जाकर “शिकायत करें” विकल्प पर क्लिक कर सकती हैं। वहां अपनी आवश्यक जानकारी (मोबाइल/लाभार्थी ID) और समस्या का संक्षिप्त विवरण भरकर सबमिट करते ही शिकायत सीधे जिला स्तरीय अधिकारियों के डैशबोर्ड पर रिफ्लेक्ट हो जाएगी, जिसका समय-सीमा के भीतर निराकरण करना अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विज़न के अनुरूप, इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया गया है ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठी महिला को भी बिना किसी परेशानी के शासन की इस कल्याणकारी योजना का पूरा लाभ मिल सके।







