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Balaghat News: बालाघाट में बाघ तस्करी का बड़ा भंडाफोड़, टाइगर की हड्डियां बेचने की फिराक में 5 तस्कर गिरफ्तार, दो कंकाल बरामद

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Balaghat News: बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ के अवयवों की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैहर वन परिक्षेत्र की टीम ने सुनियोजित तरीके से ग्राहक बनकर कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपियों को कथित तौर पर बाघ की हड्डियां एवं कंकाल बेचने की कोशिश करते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई में दो संदिग्ध बाघ कंकाल भी बरामद किए गए हैं।

Balaghat News: वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग वन्यजीवों के अवयवों की अवैध तस्करी और बिक्री की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने खरीदार बनकर आरोपियों से संपर्क किया। सौदेबाजी के दौरान आरोपियों ने अपने पास मौजूद हड्डियों और कंकालों को बाघ का बताया, जिसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।

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Balaghat News: प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद कंकालों में से एक बाघ की हड्डियां मंडला जिले के बम्हनी बंजर क्षेत्र से लाई गई थीं। वहीं दूसरे कंकाल की उत्पत्ति कहां से हुई, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया दोनों बरामद कंकाल बाघ के प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक जांच के बाद ही की जाएगी।

Balaghat News: वन विभाग ने बरामद हड्डियों और कंकालों को विधिवत जब्त कर लिया है तथा उनकी वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक और विशेषज्ञ परीक्षण हेतु भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद अवयव किस वन्यजीव के हैं और उनकी उम्र कितनी है।

Balaghat News: कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में रामलाल टेकाम (52 वर्ष) निवासी कुरवाही, दशरथ परते (45 वर्ष) निवासी बिछिया, भीम सिंह परते निवासी हर्राभाट, रविंद्र सोनकुसरे निवासी छपारा और राजकुमार सोनकुसरे निवासी छपारा शामिल हैं। जांच के दौरान देवीदयाल ढोढरे निवासी छपारा का नाम भी सामने आया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

Balaghat News: वन विभाग का मानना है कि यह मामला किसी बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाघ के अवयव कहां से लाए गए, किन लोगों तक उनकी सप्लाई की जानी थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Balaghat News: वन अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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Balaghat News: वन विभाग की इस कार्रवाई को प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है और उसकी तस्करी या अवयवों की खरीद-फरोख्त को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है, जिसके लिए कड़े दंड का प्रावधान है।

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