Balaghat News: बालाघाट। बालाघाट जिला पंचायत में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार सहित 22 जिला पंचायत सदस्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अभिषेक सराफ और सहायक यंत्री शिव भास्कर की कार्यप्रणाली से नाराज होकर उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर एकजुट हो गए हैं। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करने का फैसला लिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। यदि जल्द मुलाकात का समय नहीं मिलता है तो सदस्य आगे की रणनीति बनाकर आंदोलनात्मक कदम भी उठा सकते हैं।
Balaghat News: दरअसल, यह विवाद 19 जून को जिला पंचायत सभागार में आयोजित सामान्य सभा की बैठक के बाद और अधिक गहरा गया। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य जीतू राजपूत ने विभिन्न विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और फंड के उपयोग को लेकर सवाल उठाए थे। आरोप है कि सवालों के जवाब देने के बजाय जिला पंचायत CEO अभिषेक सराफ बैठक बीच में छोड़कर चले गए। इस घटना से मौजूद जनप्रतिनिधि नाराज हो गए और उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों का अपमान बताया।
Balaghat News: बैठक समाप्त होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सदस्यों ने जिला पंचायत परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान CEO के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उनके व्यवहार की निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। सदस्यों का कहना है कि जिला पंचायत की बैठकों में अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती और कई महत्वपूर्ण निर्णयों से उन्हें अनभिज्ञ रखा जाता है।
Balaghat News: जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिला पंचायत में करोड़ों रुपये की विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन उनकी वित्तीय स्थिति और खर्च का पूरा विवरण सदस्यों के सामने नहीं रखा जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के लिए प्राप्त राशि का स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जाता और जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (DMF) से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता का अभाव है। कई बार बैठकें आयोजित होने के बावजूद सदस्यों को महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं।
Balaghat News: अध्यक्ष का कहना है कि जिला पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछते हैं, लेकिन अधिकारियों का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। इससे न केवल विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं बल्कि पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
Balaghat News: वहीं सदस्यों ने सहायक यंत्री शिव भास्कर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यों, तकनीकी स्वीकृतियों और विकास परियोजनाओं से जुड़ी जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं कराई जातीं। कई मामलों में जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना निर्णय लिए जाने की शिकायत भी सामने आई है।
Balaghat News: जिला पंचायत के 22 सदस्यों का एक साथ किसी अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलना जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ी घटना माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि मामला जल्द नहीं सुलझा तो इसका असर जिला पंचायत के कामकाज और विकास परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है।
Balaghat News: फिलहाल सभी सदस्य मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी शिकायतें सीधे उनके सामने रखने की तैयारी में हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है और जिला पंचायत में चल रहे इस टकराव का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है। पूरे मामले ने जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।









