Keir Starmer Resigns: लंदन। यूनाइटेड किंगडम (यूके) की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार (22 जून 2026) को आधिकारिक तौर पर अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही ब्रिटेन में एक बार फिर बड़े राजनीतिक संकट और नेतृत्व परिवर्तन के द्वार खुल गए हैं। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर दिए अपने बेहद भावुक संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि वह लेबर पार्टी के नेता का पद छोड़ रहे हैं, लेकिन देश के हित को सर्वोपरि रखते हुए नया प्रधानमंत्री चुने जाने तक वह ‘केयरटेकर पीएम’ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। महज दो साल पहले 2024 में लेबर पार्टी को बंपर ऐतिहासिक बहुमत दिलाने वाले स्टार्मर का इस तरह असमय जाना वैश्विक राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर रहा है।
क्यों गंवाना पड़ा पद? लगातार यू-टर्न, गिरती लोकप्रियता और नाइजल फैराज का डर
कीर स्टार्मर की सरकार पिछले कई महीनों से अपनी ही पार्टी के भीतर और आम जनता के भारी दबाव में थी। बुजुर्गों के लिए ‘विंटर फ्यूल’ (शीतकालीन ईंधन भत्ते) को बंद करने के विवादित फैसले और वॉशिंगटन में पीटर मैंडेलसन को ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने जैसे कदमों ने उनकी लीडरशिप पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। हालिया जनमत सर्वेक्षणों में स्टार्मर की व्यक्तिगत रेटिंग और लेबर पार्टी की लोकप्रियता ऐतिहासिक रूप से सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। लेबर पार्टी के सांसदों को डर था कि अगर नेतृत्व नहीं बदला गया, तो आगामी आम चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी ‘रिफॉर्म यूके’ के नेता नाइजल फैराज बाजी मार सकते हैं। इसी डर से पिछले 48 घंटों में कई कैबिनेट मंत्रियों ने स्टार्मर से बैकचैनल बातचीत कर उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया।
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— Keir Starmer (@Keir_Starmer) June 22, 2026
कौन संभाल सकता है ब्रिटेन की कमान? एंडी बर्नहम का दावा सबसे मजबूत
नये पीएम की रेस और ‘कोरोनेशन’ की संभावना: कीर स्टार्मर के हटने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? इस रेस में उत्तर इंग्लैंड की मेकरफील्ड सीट के हालिया ऐतिहासिक उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करने वाले एन्डी बर्नहम (Andy Burnham) का नाम सबसे आगे चल रहा है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर रहे बर्नहम को लेबर पार्टी के सांसदों और आम कार्यकर्ताओं का भारी समर्थन हासिल है। पार्टी के नियमों के मुताबिक, संसदीय दल में अपना दावा पेश करने के लिए कम से कम 20% सांसदों (लगभग 81 सांसदों) का लिखित समर्थन जरूरी होता है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बर्नहम को 200 से अधिक सांसदों का समर्थन मिल चुका है, जिससे वह बिना किसी कड़े मुकाबले के सीधे ‘निर्विरोध’ (Coronation) ब्रिटेन के अगले पीएम बन सकते हैं।
जुलाई में शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया; सितंबर तक नया प्रधानमंत्री संभाल लेगा कार्यभार
हालांकि, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग (Wes Streeting) ने भी इस रेस में शामिल होने और बर्नहम को चुनौती देने की इच्छा जताई है, लेकिन सांसदों का भारी झुकाव संभावित विजेता बर्नहम की तरफ ही दिख रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, लेबर पार्टी के नए लीडर के लिए नामांकन की प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू होगी और ब्रिटिश संसद के समर वेकेशन (गर्मियों की छुट्टियों) से लौटकर वापस आने यानी 1 सितंबर 2026 तक देश के नए प्रधानमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी। बर्नहम के सामने सबसे बड़ी चुनौती ब्रिटेन की डगमगाती अर्थव्यवस्था को संभालना और जनता के खोए हुए विश्वास को वापस जीतना होगी।









