Chhattisgarh Monsoon Update: रायपुर (मौसम डेस्क)। भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे मध्य भारत के लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। देश में सुस्त पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव (सक्रिय) हो गया है। पिछले दो सप्ताह (14 दिन) से महाराष्ट्र के सोलापुर के पास अटका हुआ मानसून रविवार को अचानक आगे बढ़ गया, जिसके चलते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित कोंकण के कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, अगले 5 दिनों के भीतर मानसून के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में प्रवेश करने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं।
Advance of Southwest Monsoon 2026
❖ The Northern Limit of Monsoon continues to pass through 18°N/60°E, 18°N/65°E, 18°N/70°E, Harnai, Solapur, Hyderabad, Bhadrachalam, Koraput, Phulbani, Ranchi, Jamui, Muzaffarpur and 28.3°N/83°E.
❖ Conditions are favourable for further… pic.twitter.com/9g97KZEyrc
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 21, 2026
छत्तीसगढ़ में 10 दिन और मध्य प्रदेश में 15 दिन की देरी से पहुंचेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी होने के कारण छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लोगों को थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ा है। इस बार मानसून मध्य प्रदेश में अपने निर्धारित समय से 15 दिन की देरी से, वहीं छत्तीसगढ़ में लगभग 10 दिन लेट चल रहा है। इससे पहले आईएमडी ने छत्तीसगढ़ में मानसून के पहुंचने की संभावित तिथि 12 जून घोषित की थी, लेकिन अब बदले समीकरणों के अनुसार सूबे में 23 जून तक बस्तर के रास्ते मानसून के प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। वहीं पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में 27 जून के बाद ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकेगा।
IMD Weather Warning !
Very heavy to extremely Heavy rainfall likely over northeast India till 25th and over Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim till 22nd June. 2026.
Stay updated with official weather forecasts and follow local advisories. #IMD #WeatherWarning #HeavyRainfall… pic.twitter.com/c8lf1fxNw9
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 21, 2026
तेईस जून से तेजी से आगे बढ़ेगा बादलों का दल, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बदलाव
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान: आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, सैटेलाइट से प्राप्त ताजा तस्वीरों में मध्य भारत के ऊपर बादलों का दायरा तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में मानसूनी रेखा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, रांची और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। 23 जून के आसपास मानसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ने के लिए स्थितियां बेहद मजबूत हैं। इसी के प्रभाव से 21 से 26 जून के बीच छत्तीसगढ़, विदर्भ और मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून और मानसून की मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
(i) 23 जून, 2026 के आसपास महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।
(ii) 25 जून तक पूर्वोत्तर भारत में और 22 जून, 2026 तक… pic.twitter.com/JXjxkxkyBL
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अगले दो दिनों के मौसम का हाल: कहीं भारी बारिश तो कहीं हीटवेव का सितम
मौसम विभाग ने 22 जून के लिए असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों को अभी राहत नहीं मिलेगी; पूर्वी उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का विदर्भ इलाका अगले दो दिनों तक तीव्र लू (हीटवेव) की चपेट में रहेगा। 23 जून से अधिकांश राज्यों में प्री-मानसून और मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।









