PWD Department Corruption: रायपुर/मुंगेली:छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग यानी PWD में इन दिनों गड़बड़ियों और लापरवाही के बड़े मामले सामने आ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री और PWD मंत्री अरुण साव के इस विभाग में एक तरफ करोड़ों का निर्माणाधीन पुल स्लैब ढह गया है, तो दूसरी तरफ रायपुर में लाखों रुपये के टेंडर में हेराफेरी का गंभीर आरोप लगा है। इन घटनाओं ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को उजागर कर दिया है।
PWD Department Corruption: मुंगेली का पुल हादसा और भ्रष्टाचार के आरोप
PWD Department Corruption: मुंगेली जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अमर टापू धाम में करीब 4.50 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा पुल बनाया जा रहा था। साल 2024 में इस काम का टेंडर हुआ था और छह महीने पहले ही इसका काम शुरू हुआ था। मुंगेली की ही फर्म क्रांति कंस्ट्रक्शन को यह ठेका मिला था। हाल ही में जब पुल के स्लैब की ढलाई का काम चल रहा था, तभी पूरी संरचना अचानक भरभराकर गिर गई।
PWD Department Corruption: गनीमत रही कि इस हादसे में कोई मजदूर घायल नहीं हुआ और कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने सीमेंट मिश्रण, सरिए और सपोर्ट सिस्टम में भारी लापरवाही बरती, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस मामले में विभाग के कार्यपालन अभियंता शरद सतपथी का कहना है कि तकनीकी कमियों की जांच की जा रही है और नुकसान की भरपाई कर ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
PWD Department Corruption: मुंगेली में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 4.50 करोड़ का पुल, स्लैब हुआ जमींदोज
रायपुर के प्रशासनिक घोटाले के बीच मुंगेली जिले से पीडब्ल्यूडी की जमीनी हकीकत बयां करने वाली एक बेहद चिंताजनक खबर आई। यहां के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अमर टापू धाम में बन रहे एक बड़े पुल (ब्रिज) का स्लैब ढलाई के काम के दौरान ही अचानक भरभराकर ढह गया।
PWD Department Corruption: घटिया निर्माण और प्रशासनिक दावे
PWD Department Corruption: यह पुल क्षेत्र के आवागमन और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। महज छह महीने पहले ही इसका काम शुरू हुआ था, लेकिन पहली ही बड़ी ढलाई के दौरान संरचना का भार न संभाल पाने के कारण स्लैब पूरी तरह जमींदोज हो गया। राहत की बात यह रही कि इस बड़े हादसे के वक्त कोई जनहानि या मजदूरों के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इसने कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
PWD Department Corruption: क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
PWD Department Corruption: इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) शरद सतपथी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा.”अमर टापू धाम में पुल निर्माण का कार्य मुंगेली की फर्म क्रांति कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा था। अचानक स्लैब ढहने की जानकारी मिली है। तकनीकी खामियों की जांच की जा रही है और क्षतिग्रस्त हिस्से में जल्द ही सुधार कार्य शुरू कराया जाएगा। लापरवाही बरतने के लिए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
PWD Department Corruption: उठते गंभीर सवाल
विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ का PWD विभाग लगातार अपनी कार्यप्रणाली, लेटलतीफी और घटिया निर्माण को लेकर विवादों में रहा है। मुंगेली की घटना कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों और पुलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
PWD Department Corruption: रायपुर का टेंडर घोटाला
PWD Department Corruption: दूसरा मामला राजधानी रायपुर से जुड़ा है, जो सीधे तौर पर कागजी हेरफेर को दिखाता है। जनवरी 2024 में 50 लाख रुपये का एक टेंडर जारी हुआ था। इसमें श्री जी इलेक्ट्रिकल्स नाम की फर्म ने नियमों के तहत अपने सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर हिस्सा लिया था। नियम के अनुसार काम इसी फर्म को मिलना चाहिए था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने फॉर्च्यून अंश नाम की एक दूसरी फर्म को काम सौंप दिया और भुगतान भी कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दूसरी फर्म ने टेंडर प्रक्रिया में भाग ही नहीं लिया था। इस मामले में कार्यपालन अभियंता एस के झरिया और मुख्य अभियंता टीआर कुंजाम पर गंभीर आरोप लगे हैं। इसकी शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी की गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
PWD Department Corruption: सड़क निर्माण में भी लापरवाही
PWD Department Corruption: सिर्फ पुल ही नहीं, मुंगेली के लोरमी इलाके में पेंड्रीतलाब से रतियापारा तक बनी सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। ठेकेदार ने बारिश के मौसम में ही डामर बिछाने का काम कर दिया, जिससे कुछ ही दिनों में सड़क उखड़ गई और पुलिया के पास का हिस्सा धंस गया।
PWD Department Corruption: जनता में आक्रोश और कार्रवाई की मांग
PWD Department Corruption: स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारें बदल जाती हैं, लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों का आपसी सिंडिकेट नहीं बदलता। निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी चल रही है, जिसके कारण घटिया काम होने पर भी अधिकारी चुप रहते हैं। जब भी शिकायत होती है, तो अधिकारी सिर्फ जांच का भरोसा देकर मामला दबा देते हैं। आज मुंगेली की जनता जर्जर सड़कों और असुरक्षित निर्माण के कारण परेशान है। लोगों ने मांग की है कि इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अफसरों व ठेकेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।









