MP Outsource Worker Death: शहडोल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में विद्युत सुधार कार्य के दौरान एक युवा कर्मचारी की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत ने बिजली विभाग और उसकी आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आकाशवाणी केंद्र के पीछे हुए इस हादसे में 28 वर्षीय युवक कुंदन सिंह की जान चली गई। घटना के बाद से ही पूरे अंचल में गहरा शोक व्याप्त है, वहीं पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों व ठेका कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
लाइन शटडाउन किए बिना काम पर झोंकने का आरोप
मृतक कुंदन सिंह (पिता नरेंद्र सिंह, उम्र 28 वर्ष), निवासी ग्राम मालाचुआ, बिजली विभाग के कार्यों का संचालन करने वाली अधिकृत आउटसोर्स कंपनी ‘क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड’ में तकनीकी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आकाशवाणी केंद्र के पीछे विद्युत लाइन में खराबी की शिकायत मिलने पर कंपनी द्वारा उसे सुधार कार्य के लिए भेजा गया था। चश्मदीदों और पुलिस जांच के शुरुआती कयासों के मुताबिक, जिस हाई वोल्टेज लाइन पर युवक को चढ़ाया गया था, उसका पावर शटडाउन (बिजली सप्लाई बंद) नहीं लिया गया था। यदि जांच में यह बात सही साबित होती है, तो यह सीधे तौर पर गैर-इरादतन हत्या जैसी गंभीर लापरवाही का मामला बनता है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम
हादसे के दौरान हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से कुंदन सिंह पोल पर ही बुरी तरह झुलस गया। आनन-फानन में उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के परीक्षण और उपचार शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। जवान बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही मालाचुआ स्थित निवास में कोहराम मच गया। मृतक अपने घर का मुख्य कमाऊ सदस्य था, जिससे परिवार के सामने अब जीवन-यापन का भी संकट खड़ा हो गया है।
सीएसपी बोले— दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने ठेका कंपनियों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना ग्लव्स, सुरक्षा बेल्ट, अर्थिंग रॉड और इंसुलेटेड उपकरणों के जानलेवा जोखिम में झोंक दिया जाता है।
इस संवेदनशील मामले को लेकर शहडोल सीएसपी (CSP) राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि कुंदन सिंह की अस्पताल में मौत के बाद सोहागपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिजली विभाग के लॉग बुक और ठेका कंपनी के कार्य आदेशों की जांच की जा रही है; जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी एजेंसी दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।








