Janjgir Champa Development: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम में जिले के नागरिकों को विकास की एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए कुल 295 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत वाले 341 अलग-अलग विकास कार्यों का एक साथ लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न किया। इस विशाल विकास पैकेज में 70.10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 159 पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत के 182 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन सभी कार्यों के माध्यम से जिले में आने वाले दिनों में सड़क, शुद्ध पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और जिले के समग्र विकास को एक नई और सकारात्मक गति मिलेगी।
इस महाआयोजन के बाद से पूरे जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस बड़े कार्यक्रम की सफलता के लिए सुरक्षा और बैठक व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे।
बटन दबाकर किया पूर्ण कार्यों का लोकार्पण
नवागढ़ के पोंड़ी में आयोजित इस विशाल जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सबसे पहले विधिविधान से मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और विभिन्न नए विकास कार्यों की आधारशिला रखी। इसके बाद उन्होंने मंच पर बने डिजिटल कंसोल का बटन दबाकर पूर्ण हो चुके सभी 159 कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें विधिवत रूप से क्षेत्र की जनता को समर्पित कर दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का यह दिन जांजगीर-चांपा जिले के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज हो गया है।
इसके विपरीत उन्होंने कहा कि लगभग 295 करोड़ रुपये के इन तमाम विकास कार्यों की सौगात मिलने से पूरे क्षेत्र में आधारभूत ढांचा बेहद मजबूत होगा, जिससे आम नागरिकों का दैनिक जनजीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और सरल बन जाएगा।
विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के कार्य शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आज जिन 159 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया है, उनमें मुख्य रूप से जल संसाधन विभाग, वन विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कई बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर जिन 182 नए कार्यों का भूमिपूजन किया गया है, उनमें जल संसाधन विभाग की सिंचाई योजनाएं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की नई सड़कें, लोक निर्माण विभाग के भवन, सीजीएमएससी के स्वास्थ्य केंद्र, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आवास तथा नगरीय प्रशासन विभाग के महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमिपूजन किए गए सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता और निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि कोई भी विकास कार्य केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं होता है, बल्कि वे वास्तव में आम लोगों के जीवन स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे सशक्त माध्यम बनते हैं। हमारी राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाना है। इसी सोच और सेवा भाव के साथ पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इस गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मंच पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्थानीय सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े और खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह समेत कई पूर्व सांसद, विधायक और जिला पंचायत के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर और एसपी रहे मुस्तैद
इस बड़े जिला स्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी दिन-रात एक कर दिया था। कार्यक्रम स्थल पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, डीएफओ हिमांशु डोंगरे और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल कुमार रावटे सहित सभी विभागों के जिला प्रमुख पूरी मुस्तैदी के साथ मुआयना करते नजर आए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत स्थानीय ग्रामीणों को सामग्री और चेक का वितरण भी किया।
जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि के निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिलने से जांजगीर-चांपा जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी और सिंचाई तथा सड़कों की पुरानी मांगें पूरी हो सकेंगी। अंततः, इस सफल कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री रायपुर के लिए रवाना हो गए।









