Jabalpur Road Scam: जबलपुर। एयरपोर्ट से खमरिया को जोड़ने वाली करीब 9 किलोमीटर लंबी और 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रही मुख्य सड़क विवादों के घेरे में आ गई है। पूर्व पार्षद विनोद चौधरी ने मौके पर पहुँचकर निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर हो रही लापरवाही को उजागर किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि ठेकेदार नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से सड़क पर घटिया मिट्टी डलवा रहा है। पूर्व पार्षद का कहना है कि मानसून भी जबलपुर में दस्तक देने वाला है। परिणामस्वरूप, इस कच्ची मिट्टी के कारण पहली ही बारिश में यह पूरी सड़क बह जाएगी। इसके फलस्वरूप, स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और मवेशियों का यहाँ से निकलना भी दूभर हो जाएगा।
जिम्मेदार अधिकारियों की नदारदगी और लापरवाही
चिंता की बात यह है कि इस करोड़ों के प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं है। विनोद चौधरी ने यह भी खुलासा किया कि सड़क को बिना किसी पुलिया की व्यवस्था किए करीब 7 फीट तक ऊँचा कर दिया गया है। इसके कारण, आने वाले दिनों में भारी जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। इतना ही नहीं, ठेकेदार द्वारा पास की नहर और पहाड़ की अवैध रूप से खुदाई करके प्राकृतिक नालों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। निश्चित रूप से, यह लापरवाही आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।
अवैध खुदाई और प्राकृतिक स्रोतों से खिलवाड़
ठेकेदार द्वारा की जा रही अवैध खुदाई ने पर्यावरण और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया है। सड़क को ऊँचा करने के चक्कर में आसपास के जल निकासी मार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही, बिना किसी तकनीकी योजना के किए जा रहे इस निर्माण से राहगीरों की सुरक्षा भी दांव पर लग गई है। पूर्व पार्षद ने इसे जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी बताते हुए गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने साफ कहा है कि इस तरह का घटिया निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई की मांग तेज
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी है। पूर्व पार्षद विनोद चौधरी ने माननीय मंत्री जी, कलेक्टर महोदय और मीडिया से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करने की अपील की है। इसके साथ ही, उन्होंने दोषी ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया और पारदर्शी जांच नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।









