Damoh Electricity Bill Dispute: दमोह बिजली बिल विवाद का एक मामला इन दिनों चर्चा में है। तेंदूखेड़ा क्षेत्र के एक राइस मिल संचालक को बिजली विभाग द्वारा चार लाख रुपये से अधिक का बिल जारी किया गया था। उपभोक्ता की शिकायत के बाद मामला बिजली उपभोक्ता फोरम तक पहुंचा, जहां जांच के बाद बिल में बड़ी राहत दी गई।हालांकि दमोह बिजली बिल विवाद में नया मोड़ तब आया जब फोरम के आदेश के बावजूद बिजली कनेक्शन बहाल नहीं होने का आरोप लगाया गया।
ताजा दमोह बिजली बिल विवाद ग्राम मोहरा से जुड़ा है। यहां आनंद ठाकुर की पत्नी के नाम पर संचालित राइस मिल के लिए बिजली कनेक्शन लिया गया है।उपभोक्ता का कहना है कि राइस मिल पूरे साल नहीं बल्कि केवल कुछ महीनों तक संचालित होती है। इसके बावजूद उन्हें लगातार अधिक राशि के बिजली बिल दिए जाते रहे।
चार लाख से अधिक का बिल पहुंचा फोरम तक
दमोह बिजली बिल विवाद में उपभोक्ता को चार लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल मिलने के बाद उन्होंने विभागीय स्तर पर कई बार शिकायत की।जब समाधान नहीं मिला तो मामला बिजली उपभोक्ता फोरम, जबलपुर तक पहुंचा। वहां प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद मामले पर सुनवाई की गई।
फोरम ने घटाया बिजली बिल
सुनवाई के बाद दमोह बिजली बिल विवाद में उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली। जानकारी के अनुसार फोरम ने चार लाख रुपये से अधिक के बिल को निरस्त कर संशोधित राशि लगभग 58 हजार रुपये निर्धारित की।यह फैसला उपभोक्ता के पक्ष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कनेक्शन जोड़ने के दिए गए थे निर्देश
दमोह बिजली बिल विवाद में उपभोक्ता का आरोप है कि बिजली उपभोक्ता फोरम ने 2 जून को आदेश जारी करते हुए पहले बिजली कनेक्शन बहाल करने और बाद में संशोधित बिल जमा कराने के निर्देश दिए थे।इसके बावजूद अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई है।
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विभाग पर लगाए गए आरोप
उपभोक्ता का कहना है कि दमोह बिजली बिल विवाद में आदेश के बाद भी हर्रई विद्युत वितरण केंद्र की ओर से कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।उनका आरोप है कि फोरम के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होना चिंता का विषय है।
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
दमोह बिजली बिल विवाद के सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोग यह जानना चाहते हैं कि यदि सक्षम प्राधिकरण द्वारा आदेश जारी किया जा चुका है तो उसका पालन अब तक क्यों नहीं हुआ।हालांकि विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
राइस मिल संचालन पर पड़ा असर
उपभोक्ता के अनुसार दमोह बिजली बिल विवाद के चलते राइस मिल का संचालन प्रभावित हुआ है। बिजली कनेक्शन बहाल नहीं होने से व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।इससे आर्थिक नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।









