MP Transfer Policy: भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की नई तबादला नीति लागू होने के बाद हजारों शासकीय कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों ने उनकी परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए तैयार किया गया EHRMS पोर्टल अब कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई विभागों में आवेदन लिंक काम नहीं कर रहे हैं, जबकि कुछ विभागों में खाली पदों की जानकारी ही उपलब्ध नहीं है।
MP Transfer Policy: स्थिति यह है कि कर्मचारी अपने तबादले के लिए आवेदन करने के बजाय पोर्टल की तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई लोग साइबर कैफे, लोक सेवा केंद्र और विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा है।
राजस्व विभाग में आवेदन ही नहीं हो रहे सबमिट
MP Transfer Policy: राजस्व विभाग के कर्मचारियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग का लिंक पोर्टल पर दिखाई तो दे रहा है, लेकिन आवेदन भरने के बाद वह सबमिट नहीं हो रहा। कई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लॉगिन आईडी पर पोर्टल खुल ही नहीं रहा है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारी आवेदन करने से वंचित हैं।
स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर विंडो ही नहीं खुल रही
MP Transfer Policy: स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के सामने भी गंभीर समस्या है। विभाग के लिए बनाई गई ऑनलाइन ट्रांसफर विंडो कई दिनों से बंद बताई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि आवेदन की समय सीमा नजदीक है, लेकिन पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पा रही है।इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण हजारों स्वास्थ्य कर्मियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जनजातीय कार्य विभाग में खाली पदों की संख्या ‘0’
MP Transfer Policy: जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारियों को एक अलग तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर अधिकांश स्थानों पर खाली पदों की संख्या शून्य (0) दिखाई जा रही है।
MP Transfer Policy: जबकि नियमों के अनुसार ट्रांसफर आवेदन में कम से कम 15 विकल्प भरना अनिवार्य है। कर्मचारियों का कहना है कि जब कहीं भी रिक्त पद दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो वे 15 विकल्प कैसे चुनें। इस वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारी आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
महिला कर्मचारियों के लिए सख्त नियम
MP Transfer Policy: इस बार स्वास्थ्य विभाग में कुछ विशेष श्रेणियों के लिए नियम और अधिक सख्त किए गए हैं। यदि कोई महिला कर्मचारी विधवा या परित्यक्ता श्रेणी के तहत तबादला चाहती है, तो उसे केवल स्वयं की घोषणा से काम नहीं चलेगा।
MP Transfer Policy: विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित महिला कर्मचारी को एसडीएम या सक्षम न्यायालय द्वारा जारी प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा। बिना वैध दस्तावेज के आवेदन को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
अधूरी तैयारी से बढ़ी मुश्किलें
MP Transfer Policy: कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सरकार ने तबादला नीति तो घोषित कर दी, लेकिन उससे पहले पोर्टल और तकनीकी व्यवस्था को पूरी तरह तैयार नहीं किया गया। बैकएंड सिस्टम में कई कमियां होने के कारण कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।
MP Transfer Policy: कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि जल्द तकनीकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो हजारों कर्मचारी समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाएंगे और तबादला नीति का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।
कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी
MP Transfer Policy: तबादला प्रक्रिया में लगातार आ रही तकनीकी बाधाओं के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कई कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि पोर्टल की समस्याओं को तत्काल दूर किया जाए और जरूरत पड़ने पर आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी कर्मचारी को नुकसान न उठाना पड़े।
MP Transfer Policy: फिलहाल सभी की नजरें सरकार और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे EHRMS पोर्टल की खामियों को कब तक दूर कर पाते हैं और तबादला प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित कर पाते हैं।









