Nitesh Rane Statement Rahul Gandhi: नितेश राणे बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें लेकर विवादित टिप्पणी की है।उन्होंने राहुल गांधी को “पाकिस्तानी एजेंट” बताया और कहा कि वे पाकिस्तान को खुश करने के लिए बयान देते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
नितेश राणे बयान में मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं और वहीं से आने वाली स्क्रिप्ट पढ़ते हैं।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलकर पाकिस्तान को खुश करने की कोशिश करते हैं। मंत्री का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
AIMIM नेता वारिस पठान पर भी निशाना
नितेश राणे बयान सिर्फ राहुल गांधी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने AIMIM नेता वारिस पठान पर भी हमला बोला।मंत्री ने सड़क पर नमाज पढ़ने के मुद्दे को लेकर कहा कि अगर सड़क पर ही नमाज पढ़नी है तो मस्जिदों को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क लोगों के चलने के लिए होती है।
#WATCH | Mumbai: On Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi’s statement, Maharashtra Minister Nitesh Rane says, “Rahul Gandhi is a Pakistani agent. He himself talked about Pakistan… Rahul Gandhi reads a script here which originated there. To make his Pakistani bosses happy,… pic.twitter.com/ioQAAnhYIc
— ANI (@ANI) May 25, 2026
मदरसों को लेकर भी दिया बड़ा बयान
नितेश राणे बयान में मंत्री ने मदरसों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की।उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद के अड्डे बनते जा रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
नितेश राणे बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे लेकर समर्थन कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों ने इसे भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ सकती है गर्मी
नितेश राणे बयान के बाद महाराष्ट्र में सियासी माहौल और गर्म होने के आसार हैं।बीजेपी और कांग्रेस के बीच पहले से जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह बयान नई बहस का कारण बन गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।









