Friday, August 21, 2026
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Municipal Corporation Jabalpur: स्वच्छता अभियान सिर्फ वीआईपी क्षेत्रों के लिए ‘दिखावा’; चितरंजन दास वार्ड में चरमराई सफाई व्यवस्था पर भड़के कांग्रेस पार्षद

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में जनसमस्याओं और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ सियासी पारा गरमा गया है। नगर निगम जबलपुर के चितरंजन दास वार्ड से कांग्रेस पार्षद प्रमोद पटेल ने क्षेत्र की लंबे समय से लंबित जनसमस्याओं को लेकर आज गोहलपुर चौराहे पर एक विशाल सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने सत्तासीन भाजपा शासित नगर निगम पर विपक्षी पार्षदों के वार्डों के साथ जानबूझकर भेदभाव करने और विकास कार्यों को रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी मौजूद रहे।

Municipal Corporation Jabalpur: अमृत-2 योजना की पानी टंकी सहित रखीं 5 सूत्रीय मांगें

धरना प्रदर्शन के दौरान पार्षद प्रमोद पटेल ने नगर निगम प्रशासन और कमिश्नर के नाम एक 5 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया। उनकी मुख्य मांगों में सबसे अहम ‘अमृत-2’ योजना के तहत वार्ड के लिए स्वीकृत की गई पानी की टंकी का निर्माण कार्य अविलंब शुरू कराना शामिल है, ताकि क्षेत्रवासियों को पेयजल संकट से मुक्ति मिल सके। इसके अलावा वार्ड की अंदरूनी गलियों और घनी बस्तियों में पूरी तरह चरमरा चुकी सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने, क्षेत्र के पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को भू-माफियाओं के अवैध कब्जों से मुक्त कराने तथा गोहलपुर सब्जी मंडी के आधुनिकीकरण सहित वार्ड के अन्य रुके हुए विकास कार्यों को तेजी से गति देने की मांग की गई है।

स्वच्छता अभियान सिर्फ फंड और रैंकिंग के लिए ‘दिखावा’: कांग्रेस

आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्षद ने नगर निगम के मौजूदा स्वच्छता अभियान पर तीखे बाण चलाते हुए इसे महज एक ‘दिखावा’ और ‘फोटोग्राफी स्टंट’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन केवल वीआईपी (VIP) क्षेत्रों, पॉश कॉलोनियों और मुख्य चौड़े मार्गों को चमकाकर राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता रैंकिंग और केंद्र से मिलने वाला करोड़ों का फंड हासिल करने की कोशिश में जुटा है। इसके विपरीत, आम जनता और गरीबों की बस्तियां व आंतरिक गलियां आज भी कचरे के ढेरों और बजबजाती नालियों की गंदगी से जूझ रही हैं, जहाँ हफ़्तों तक सफाईकर्मी नहीं पहुँचते।

ठोस आश्वासन न मिलने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

धरने को संबोधित करते हुए नगर निगम जबलपुर के नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने भी नगर सत्ता को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्षदों के वार्डों की जनता भी टैक्स देती है, इसलिए उनके साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्षद प्रमोद पटेल ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि यह धरना तो महज एक सांकेतिक शुरुआत थी; यदि प्रशासन ने उनकी जायज 5 सूत्रीय मांगों पर समय सीमा के भीतर कोई ठोस लिखित आश्वासन और जमीनी कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर उग्र और अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।

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