बुरहानपुर। जिला वन विभाग ने शाहपुर वन परिक्षेत्र के इच्छापुर सर्कल में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहाँ वन कर्मियों ने लगातार 9 दिनों तक दिन-रात सर्चिंग ऑपरेशन चलाकर तेंदुए के दो मासूम शावकों को सुरक्षित बचा लिया। शिकार या दुर्घटना के कारण कुछ दिन पहले इनकी माँ की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ये 4 महीने के शावक जंगल में अकेले भटक रहे थे।
शादियों को छोड़ ड्यूटी पर डटे रहे कर्मचारी
डीएफओ विद्याभूषण सिंह को जैसे ही अनाथ शावकों के भटकने की खबर मिली, उन्होंने तुरंत सर्चिंग टीम गठित की। इसके बाद वन अमले ने बिना वक्त गंवाए जंगल छानना शुरू कर दिया। इस अभियान की खास बात यह रही कि कई कर्मचारियों ने अपने पारिवारिक कार्यक्रम और रिश्तेदारों की शादियां तक छोड़ दीं। वे दिन-रात सिर्फ शावकों को सुरक्षित ढूंढने में लगे रहे।
हाईटेक तकनीक से ट्रैक हुई लोकेशन
जंगल घना होने के कारण शावकों को ढूंढना आसान नहीं था। इसी वजह से वन विभाग ने बाहर से विशेष स्टाफ बुलाकर ड्रोन और नाइट विजन कैमरों की मदद ली। इसके अलावा, ट्रेप कैमरों के जरिए शावकों की सटीक लोकेशन का पता लगाया गया। आखिरकार, टीम ने शाहपुर रेंज में पिंजरा लगाया, जिसमें 17 मई को पहला और 18 मई को दूसरा शावक सुरक्षित आ गया।

भोपाल वन विहार भेजा गया
रेस्क्यू के तुरंत बाद बुरहानपुर एसडीओ अजय सागर और पशु चिकित्सकों की टीम दोनों शावकों को लेकर भोपाल रवाना हो गई। अब इन शावकों को राष्ट्रीय वन विहार भोपाल के रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यहाँ दोनों की विशेष देखभाल होगी। अंततः, जब ये दोनों शावक पूरी तरह बालिग और आत्मनिर्भर हो जाएंगे, तब इन्हें दोबारा खुले जंगल में छोड़ दिया जाए









