Women Safety India: भोपाल/ग्रेटर नोएडा। देश के दो अलग-अलग हिस्सों में दहेज की बलिवेदी पर चढ़ी दो बेटियों की दर्दनाक दास्तां ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की रहने वाली द्विशा शर्मा और उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कानून व्यवस्था और रसूखदारों के प्रभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों ही मामलों में पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उनकी बेटियों को शादी के बाद से ही लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। रसूखदार ससुराल पक्ष के कारण अब दोनों परिवारों को इंसाफ मिलने की राह में रुकावट आने का डर सता रहा है।
आखिरी इंस्टाग्राम चैट: “मैं फंस गई हूं यार…”
भोपाल में रहने वाली द्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी। लेकिन शादी के महज 5 महीने बाद ही, यानी 12 मई 2026 की रात को द्विशा ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मौत से ठीक पहले द्विशा ने सोशल मीडिया पर अपने एक दोस्त को इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजा था। उसने लिखा था, “मैं फंस गई हूं यार, तुम मत फंसना…”। द्विशा का ससुराल एक बेहद प्रभावशाली परिवार है। वह एक रिटायर्ड जज की बहू और क्रिमिनल लॉयर की पत्नी थी। इसी रसूख के खौफ के कारण द्विशा के पिता ने मांग की है कि उनकी बेटी का पोस्टमार्टम भोपाल के बजाय दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में कराया जाए और केस को किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर किया जाए। पिता निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं, जिसके कारण कई दिनों तक द्विशा का शव भोपाल एम्स की मर्चुरी में रखा रहा।
फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख की अतिरिक्त मांग
दूसरी तरफ, ग्रेटर नोएडा के जलपुरा में रहने वाली दीपिका नागर की शादी साल 2024 में ऋतिक नाम के युवक से हुई थी। दीपिका के पिता ने शादी में दिल खोलकर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए थे और दामाद को स्कॉर्पियो गाड़ी भी तोहफे में दी थी। इसके बावजूद शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों की नीयत डोल गई। वे दीपिका से एक फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये कैश की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर दीपिका को शारीरिक और मानसिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित किया जाने लगा। आखिरकार, 17 मई 2026 को दीपिका की संदिग्ध रूप से छत से गिरकर (या कूदकर) मौत हो गई।
रसूख का डर और अब तक की कार्रवाई
दीपिका का ससुराल भी राजनीतिक रूप से बेहद रसूखदार माना जाता है, जिससे परिवार आशंकित है कि आरोपी इस प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबा सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्रेटर नोएडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दीपिका के ससुर और उसके पति ऋतिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों ही मामलों में आज पीड़ित परिवारों के सामने सिर्फ एक ही बड़ा सवाल खड़ा है, “क्या हमारी बेटियों को कभी इंसाफ मिल पाएगा?”। समाज में रसूखदारों के आगे झुकते कानून के इस डर को दूर करना अब पुलिस और अदालत के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।








