Raigarh Police: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (छाल)। थाना छाल क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायत पर की गई पुलिस कार्रवाई का विरोध करना और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालना एक युवक को काफी भारी पड़ गया। पुलिस के खौफ और कानूनी समझाइश के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। उसने अपने अकाउंट से विवादित पोस्ट हटा दी है और भविष्य में दोबारा ऐसा न करने की कसम खाई है। इस मामले में पुलिस ने साफ किया है कि सरकारी काम में बाधा डालने और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
फिल्मों से प्रभावित होकर मांगा वारंट
यह पूरा मामला ग्राम पंचायत छाल के महाराणा प्रताप चौक का है। पुलिस को यहाँ एक महिला द्वारा अपने घर और चखना दुकान से अवैध शराब बेचने की लिखित शिकायत मिली थी। छाल पुलिस की टीम गवाहों को साथ लेकर नियम के मुताबिक शराब रेड की कार्रवाई करने पहुंची थी। इसी दौरान वहां मौजूद सूरज कमलवंशी नाम का युवक पुलिस टीम का विरोध करने लगा। वह पुलिसकर्मियों से सर्च वारंट की मांग करने लगा और पूरी कार्रवाई में रुकावट डालता रहा। उसने पुलिस की छवि खराब करने की धमकी दी और सोशल मीडिया पर एक भ्रामक पोस्ट भी डाल दी।
एसपी ऑफिस पहुंचकर हुआ गलती का अहसास
युवक अपनी शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचा। वहां पुलिस अधिकारियों ने उसे कानून का पाठ पढ़ाया। अधिकारियों ने युवक को स्पष्ट किया कि आबकारी मामलों और विशेष वैधानिक परिस्थितियों में पुलिस विधिक प्रक्रिया के तहत बिना सर्च वारंट के भी सीधे रेड कर सकती है। इसके साथ ही अधिकारियों ने उसे चेतावनी दी कि पुलिस की कार्रवाई में रुकावट डालना और इंटरनेट पर गलत जानकारी फैलाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है।
युवक ने विवादित पोस्ट हटाई
अधिकारियों की समझाइश के बाद युवक का सारा जोश ठंडा हो गया और उसने अपनी गलती मान ली। उसने कबूल किया कि उसने फिल्मों में ऐसे सीन देखे थे, जिनसे प्रभावित होकर उसने असल जिंदगी में पुलिस से सर्च वारंट मांग लिया था। उसने माना कि उसका यह व्यवहार पूरी तरह अनुचित था। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया से अपनी वह विवादित पोस्ट हटा ली। इस मामले पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश दिया है कि पुलिस की छवि खराब करने या वैधानिक कार्रवाई में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।









