रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र से रिश्तों को कत्ल करने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। ग्राम चिकटवानी मुडाडीपा में एक कलयुगी बेटे ने शराब के नशे में चूर होकर अपनी 70 वर्षीय वृद्ध मां की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, जब उसकी 10 साल की मासूम बेटी अपनी दादी को बचाने दौड़ी, तो सिरफिरे पिता ने उस पर भी जानलेवा हमला कर उसे अधमरा कर दिया। धरमजयगढ़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस Blind Murder Case Solved (अंधे कत्ल के मामले का खुलासा) को महज 24 घंटे के भीतर अंजाम देकर आरोपी बेटे को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
खून से लथपथ मिली थी बुजुर्ग महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम चिकटवानी मुडाडीपा निवासी श्रीमती मेरीना लकड़ा (70 वर्ष) अपने घर में मृत अवस्था में पड़ी हैं। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतिका के सिर, माथे और कान के ऊपर गंभीर चोट के निशान थे और अत्यधिक खून बह चुका था। वहीं मौके पर मृतिका की नातिन अगोस्टिना लकड़ा (10 वर्ष) भी सिर में गंभीर चोट के कारण बेहोश पड़ी थी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तत्काल एंबुलेंस बुलाकर मासूम Juvenile Eyewitness Victim (नाबालिक चश्मदीद पीड़िता) को सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 109 के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
शराब पीने की डांट बनी हत्या की वजह (Domestic Violence Homicide)
विवेचना के दौरान पुलिस का संदेह मृतिका के पेशे से ड्राइवर बेटे संदीप लकड़ा (37 वर्ष) पर गया, जो घटना के बाद से ही संदिग्ध रूप से गायब था। पुलिस ने घेराबंदी कर जब संदीप को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसकी एक बेटी का पैर टूटने के कारण उसका पूरा परिवार मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में इलाज करा रहा था। 14 मई को वह अपनी 10 वर्षीय बेटी अगोस्टिना के साथ आयुष्मान कार्ड और घर का कुछ सामान लेने गांव आया था।
गांव आने के बाद से संदीप लगातार घूम-घूमकर शराब पी रहा था। जब उसकी बूढ़ी मां मेरीना लकड़ा ने उसे इस तरह मतवारी (नशा) करने और पैसे उड़ाने से मना किया और डांटा, तो वह आक्रोशित हो गया। आरोपी ने घर में रखे भारी-भरकम लकड़ी के डंडे से अपनी मां के सिर और कान के नीचे ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस Domestic Violence Homicide (घरेलू हिंसा हत्याकांड) के दौरान जब उसकी बेटी अगोस्टिना बीच-बचाव करने आई, तो उसने अपनी बेटी के सिर पर भी जानलेवा हमला कर दिया, जो किसी तरह जान बचाकर पड़ोसी के घर भागी और बाद में बेहोश हो गई।
आरोपी जेल दाखिल, हथियार बरामद (Deadly Weapon Recovery)
पुलिस ने आरोपी संदीप लकड़ा की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला-जर्ब यानी लकड़ी के भारी डंडे को मेमोरेंडम के तहत जब्त कर लिया है। इस Deadly Weapon Recovery (घातक हथियार बरामदगी) के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस त्वरित कार्रवाई में निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई मंजू मिश्रा, गंगाराम भगत और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा संदेश (Zero Tolerance Directives)
इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख और कड़ा रुख व्यक्त करते हुए रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने समाज के उपद्रवी तत्वों को Zero Tolerance Directives (शून्य सहनशीलता निर्देश) जारी किए हैं:
“घरेलू हिंसा, हत्या और विशेषकर महिलाओं व असहाय बुजुर्गों पर अत्याचार करने वाले अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। रिश्तों की मर्यादा तार-तार करने वाले ऐसे हिंसक अपराधियों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है, इन्हें कानून के जरिए कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।”









