इंदौर: इंदौर के एमजी रोड थाना पुलिस ने चाइना टाउन कॉम्प्लेक्स में व्यापारी पर हुए प्राणघातक हमले की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। 13 मई को हुए इस अंधे कत्ल के प्रयास (Attempt to Murder) के मामले में पुलिस ने Contract Killing Foiled के तहत मुख्य साजिशकर्ता सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पीड़ित के ही एक परिचित ने महज 30 हजार रुपये की सुपारी देकर भाड़े के शूटरों से इस वारदात को अंजाम दिलवाया था।
दुकान के बाहर हुआ था जानलेवा हमला (Assault with Deadly Weapons) प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमजी रोड थाना क्षेत्र के चाइना टाउन कॉम्प्लेक्स में आनंद नामक दुकानदार अपनी दुकान के पास बैठे थे। इसी दौरान पीछे से आए दो अज्ञात बदमाशों ने अचानक उनके सिर पर लोहे की रॉड से जोरदार वार किया और फिर चाकू मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गंभीर रूप से घायल आनंद को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
लोन और उधारी के विवाद में रची साजिश (Financial Dispute Assault) पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी गौरव ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गौरव बैंक लोन दिलाने का काम करता है। जांच में सामने आया कि आनंद ने गौरव से कुछ पैसे उधार लिए थे और बैंक लोन के माध्यम से उसे लौटाने का वादा किया था। लेकिन आनंद लोन पास करवाने की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए तैयार नहीं हो रहा था। इसी Financial Dispute Assault और उधारी के लेनदेन से परेशान होकर गौरव ने आनंद को सबक सिखाने और डराने के लिए अपने परिचित उमेश के जरिए ₹30 हजार में दो शूटरों को काम पर रखा और हमला करवा दिया।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से पकड़े गए आरोपी घटना के बाद पुलिस की विशेष टीम ने कॉम्प्लेक्स और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। CCTV Tracking Success और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हमले में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड, चाकू और अन्य हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस का बयान: “व्यापारी पर हमले के मामले में मुख्य आरोपी गौरव और उमेश समेत दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में नकद का लालच, पुराना लेनदेन और जबरन दबाव बनाने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल डेटा, आपसी बातचीत और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पुख्ता साक्ष्य जुटा रही है।” — रामसनेही मिश्रा, एडिशनल डीसीपी, एमजी रोड थाना क्षेत्र









