नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) को लेकर देश में जारी विवाद अब एक बड़े Political Confrontation में बदल चुका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि देश के 22 लाख नीट छात्रों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है, लेकिन इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री मौन साधे हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से बर्खास्त किया जाए, अन्यथा इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री खुद लें।
11 साल में 148 घोटालों का दावा (Exam Scam Row) राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की घेराबंदी करते हुए देश में जारी Systemic Failure के गंभीर आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि साल 2015 से 2026 के बीच देश में कुल 148 परीक्षा घोटाले हुए हैं, जिसके कारण 87 महत्वपूर्ण परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं। इस पूरे घटनाक्रम ने करीब 9 करोड़ छात्रों के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 17 मामलों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 11 मामलों की जांच तो की, लेकिन इस Exam Scam Row में अब तक केवल एक ही मामले में सजा हो सकी है।
छात्रों की आत्महत्या को बताया ‘व्यवस्था द्वारा हत्या’ नीट परीक्षा रद्द होने के बाद उत्तर प्रदेश और गोवा के छात्रों द्वारा की गई कथित खुदकुशी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी बेहद भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने इस Student Suicide Crisis पर कहा, ‘ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पेपर लीक और घोटाला करने वाले बड़े अधिकारियों और मंत्रियों को सजा देने के बजाय उन्हें और बड़े पदों से नवाजा जाता है।
अब 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा इस चौतरफा दबाव और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पूर्व में आयोजित हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है। अब नीट-यूजी की परीक्षा आगामी 21 जून को दोबारा देश भर में आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि यह परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसके बाद से ही लगातार धांधली के आरोप लग रहे थे। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि जब तक छात्रों को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह Political Confrontation थमने वाला नहीं है।









