नई दिल्ली |पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने दिल्ली तक सियासी हलचल पैदा कर दी है। आज गुरुवार को बुलीई गई सर्वदलीय बैठक में हालात की गंभीरता साफ झलक रही थी। मीटिंग की कमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संभाली, लेकिन असल सवालों का जवाब गृह मंत्री अमित शाह ने दिया—और चौंकाने वाली बात यह रही कि उन्होंने पहली बार खुले शब्दों में मान लिया कि “चूक हुई है।”
अमित शाह का कहना था, “अगर कुछ भी नहीं हुआ होता, तो हम सभी यहां क्यों इकट्ठा होते?” ये शब्द ही बता रहे थे कि सरकार इस हमले को हल्के में नहीं ले रही।
राहुल का सवाल: जो ऊपर था, वहां कोई था क्यों नहीं?
राहुल गांधी का सवाल सीधे दिल से निकला—”हमले वाली जगह पर सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं थे?”
इस पर सरकार की सफाई आई कि वह इलाका जून में अमरनाथ यात्रा के दौरान ही खोला जाता है और तभी सुरक्षा लगाई जाती है। लेकिन इस बार लोकल टूर ऑपरेटरों ने चुपचाप 20 अप्रैल से टूरिस्ट बुकिंग शुरू कर दी, जिसकी जानकारी न दिल्ली को थी, न लोकल अथॉरिटीज़ को। यहीं से गड़बड़ी शुरू हुई।
ओवैसी का वार: पाकिस्तान को क्यों छोड़ा?
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बैठक में एक अलग ही दिशा में सवाल उठाया—”पाकिस्तान को लेकर अब तक क्या किया?”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि भारत को अधिकार है हवाई और समुद्री नाकेबंदी करने का, और हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने का।
खरगे की नाराज़गी: पीएम क्यों नहीं आए?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरहाज़िरी पर सख्त ऐतराज़ जताया। “जब तीन लेयर की सिक्योरिटी में भी चूक हुई तो देश के सबसे बड़े नेता को जवाब देना चाहिए था,” उन्होंने कहा।
सरकार की सफाई और वादा
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि आईबी और गृह मंत्रालय ने हमले की टाइमलाइन, इंटेलिजेंस की स्थिति और सुरक्षा तैनाती में कमी पर विस्तार से ब्रीफिंग दी। सभी दलों ने सरकार को इस मुद्दे पर पूरा समर्थन देने की बात दोहराई और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।













