Jal Jeevan Mission Failure Nawagarh : गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (नवागढ़): केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री नल-जल योजना’ ग्राम पंचायत नवागढ़ में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। गांव में करोड़ों की लागत से बनी विशाल पानी की टंकी सफेद हाथी बनकर रह गई है, जबकि ग्रामीण आज भी पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जमीनी हकीकत यह है कि कागजों में ‘हर घर जल’ का दावा करने वाली इस योजना ने ग्रामीणों को केवल सूखे नल और अधूरे प्लेटफॉर्म ही दिए हैं।
दिखावे की इमारत, सूखी व्यवस्था: गांव में जगह-जगह नल के स्टैंड और प्लेटफॉर्म तो बना दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी का नामोनिशान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी खाली खड़ी रहती है और जब वे नल खोलते हैं, तो पानी की जगह सिर्फ हवा निकलती है। स्थिति इतनी विकट है कि गांव की महिलाओं को कड़ी धूप में दूर-दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों की अनदेखी और लचर व्यवस्था: योजना के क्रियान्वयन में बरती गई लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव के हैंडपंप भी उपेक्षा और गंदगी का शिकार हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि यह योजना केवल फोटो खिंचवाने और फाइलों में रिपोर्ट सबमिट करने तक ही सीमित रह गई है। नवागढ़ में वर्तमान में “जल जीवन मिशन” की जगह “जल के बिना जीवन” की स्थिति बनी हुई है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।











