कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग के निर्देश पर राज्य की दो विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर शनिवार को दोबारा मतदान कराया जा रहा है।
यह फैसला विशेष चुनाव पर्यवेक्षक की रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों की सिफारिश के आधार पर लिया गया। आयोग ने प्रभावित बूथों पर पहले हुए मतदान को निरस्त करते हुए नए सिरे से वोटिंग कराने का आदेश जारी किया।
किन क्षेत्रों में हो रही री-पोलिंग?
निर्वाचन आयोग के मुताबिक दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 बूथों पर दोबारा मतदान हो रहा है।
डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 117, 179, 194 और 243 पर री-पोलिंग कराई जा रही है। वहीं मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों पर भी मतदाता फिर से अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
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सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान
चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार पुनर्मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।आयोग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 की धारा 58(2) के तहत की जा रही है।
फाल्टा ईवीएम विवाद पर अभी फैसला बाकी
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मशीन पर टेप लगाए जाने के आरोपों को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले पर निर्णय लिया जाएगा।संभावना जताई जा रही है कि आयोग इस मुद्दे पर शनिवार को कोई बड़ा फैसला ले सकता है।
बीजेपी और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप
री-पोलिंग को लेकर राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी ने डायमंड हार्बर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया है।
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कई बूथों पर निष्पक्ष मतदान नहीं हुआ था।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर हार के डर से पुनर्मतदान की मांग करने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि जनता का समर्थन टीएमसी के साथ है और री-पोलिंग से नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान
निर्वाचन आयोग ने प्रभावित मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और पर्यवेक्षक तैनात किए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।











