नई दिल्ली: मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। देश में कमर्शियल और छोटे एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर में करीब 993 रुपये और 5 किलो वाले सिलेंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि सरकार ने पहले दावा किया था कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच भारत में घरेलू गैस उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है और अब देश की जरूरत का करीब 60% हिस्सा घरेलू स्तर पर पूरा किया जा रहा है।
भारत में एलपीजी उत्पादन का गढ़ कहां है?
भारत में एलपीजी का उत्पादन चुनिंदा रिफाइनरी और गैस प्रोसेसिंग यूनिट्स में किया जाता है। इनमें प्रमुख स्थान हैं:
- गुजरात (जामनगर, वडोदरा)
- उत्तर प्रदेश (मथुरा रिफाइनरी)
- हरियाणा (पानीपत रिफाइनरी)
- पश्चिम बंगाल (हल्दिया रिफाइनरी)
इनमें सबसे बड़ा केंद्र गुजरात का जामनगर माना जाता है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज का दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स स्थित है।
जामनगर बना भारत का एनर्जी हब
गुजरात का जामनगर भारत में एलपीजी उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां स्थित रिफाइनरी:
- पेट्रोल
- डीजल
- और एलपीजी का बड़े पैमाने पर उत्पादन करती है
इसी वजह से जामनगर को देश का एनर्जी हब भी कहा जाता है। यहां से न केवल घरेलू बल्कि औद्योगिक ईंधन की भी बड़ी आपूर्ति होती है।
कैसे बनती है एलपीजी?
एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) दो मुख्य तरीकों से तैयार की जाती है:
- कच्चे तेल को रिफाइन करके
- प्राकृतिक गैस की प्रोसेसिंग के दौरान
जब कच्चे तेल को उच्च तापमान पर प्रोसेस किया जाता है, तो अलग-अलग पेट्रोलियम उत्पाद बनते हैं, जिनमें एलपीजी भी शामिल होती है। इसे स्टोर करके सिलेंडरों में भरकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है।
भारत में बढ़ती खपत और बदलता पैटर्न
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- 2025-26 में एलपीजी खपत लगभग 33.21 मिलियन टन रही
- जनवरी में 3.012 MT, फरवरी में 2.822 MT और मार्च में 2.379 MT खपत दर्ज हुई
हाल के महीनों में घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की प्राथमिकता बढ़ाई गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने एलपीजी सप्लाई को लेकर सख्त कदम उठाए हैं:
- देशभर में 2200 से अधिक छापे
- 325 वितरकों पर जुर्माना
- 72 वितरक निलंबित
- कई को कारण बताओ नोटिस जारी
इसके अलावा डिलीवरी सिस्टम को OTP आधारित किया गया है ताकि पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
वैश्विक संकट का असर
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है। भारत अभी भी बड़ी मात्रा में LPG का आयात:
- कतर
- अमेरिका
- और ऑस्ट्रेलिया से करता है
हालांकि सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही है।
एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच यह साफ है कि भारत अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। लेकिन वैश्विक बाजार और घरेलू मांग के बीच संतुलन बनाए रखना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।











