Women Reservation Bill Politics : भोपाल: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे महिलाओं के साथ ‘धोखा’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिल तो पारित कर दिया, लेकिन इसे लागू करने की राह में जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें जोड़कर इसे अनिश्चितकाल के लिए लटका दिया है।
वादों से मुकर रही सरकार: रीना बौरासी सेतिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि बिना परिसीमन की प्रक्रिया पूरी किए इस बिल का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने इसे भाजपा का चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाओं में विश्वास रखती है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। उन्होंने मांग की कि सरकार महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने की स्पष्ट समयसीमा तय करे, ताकि देश की महिलाओं को उनका वास्तविक हक मिल सके।
भ्रम में रखने का आरोप: महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संसद में पारित होने के बावजूद महिलाओं को आरक्षण के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। जनगणना और परिसीमन की शर्त जोड़कर सरकार ने अपनी नीयत साफ कर दी है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक आरक्षण धरातल पर नहीं आता, तब तक ‘शक्ति वंदन’ केवल एक नारा बनकर रह जाएगा।











