निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : राजधानी भोपाल के न्यू मार्केट स्थित रोशनपुरा इलाके में एक निजी कंपनी के ड्रेस कोड को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। मंगलवार को Lenskart शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे क्षेत्र में माहौल गरमा गया।
प्रदर्शनकारियों ने जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शोरूम कर्मचारियों को तिलक लगाया और धार्मिक मंत्रों के साथ उनके हाथों में कलावा बांधा। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे धार्मिक आस्था का सम्मान बताकर कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
संगठन की चेतावनी और बहिष्कार की बात
समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि भारत में तिलक, बिंदी और कलावा जैसे प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन पर रोक लगाने की कोशिश की गई, तो व्यापक विरोध और बहिष्कार किया जाएगा।
So I confirmed, this is genuine. This is what @peyushbansal tells his employees, hijab is okay, but bindi/tilak/Kalawa is not, for @Lenskart_com, a company that exists in Hindu majority Bharat, where most of the employees and consumers are Hindu! What do you say to this? This is… https://t.co/jQ2EPdWPJM pic.twitter.com/SWfOajOjpo
— Shefali Vaidya. 🇮🇳 (@ShefVaidya) April 15, 2026
कर्मचारियों ने रखा अलग पक्ष
वहीं, शोरूम के एक कर्मचारी ने इस पूरे विवाद को लेकर अलग राय दी। उनका कहना है कि कंपनी ने कभी भी धार्मिक प्रतीक पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं त्योहारों के दौरान तिलक लगाकर काम कर चुके हैं।
वायरल दस्तावेज से भड़का विवाद
दरअसल, सोशल मीडिया पर कंपनी की एक कथित ‘ग्रूमिंग पॉलिसी’ वायरल होने के बाद यह विवाद शुरू हुआ। इस दस्तावेज में धार्मिक प्रतीकों पर कथित रोक का दावा किया गया, जिसके बाद लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ लिया है। कई यूजर्स और एक्टिविस्ट्स ने कंपनी से जवाब मांगा, जबकि कुछ लोगों ने इसे गलतफहमी बताया।
कंपनी ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के शीर्ष प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया कि सभी कर्मचारियों को अपने धर्म और आस्था के अनुसार प्रतीक पहनने की पूरी स्वतंत्रता है और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता।











