निशानेबाज न्यूज़ डेस्क (इंदौर): मध्यप्रदेश के इंदौर नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है, जिससे सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
पार्षद के बयान से बढ़ा विवाद
रुबीना खान ने अपने बयान में कहा कि “कुरान में वंदे मातरम् बोलने की इजाजत नहीं है” और इस्लाम में इसकी अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि “अगर कोई जबरदस्ती करेगा तो हम किसी की दादागिरी नहीं मानेंगे।”
उनके इस बयान के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।
कांग्रेस ने किया किनारा
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस पार्टी ने पार्षद के बयान से खुद को अलग कर लिया। इस पर रुबीना खान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “जब भी ऐसा मौका आता है, कांग्रेस पल्ला झाड़ लेती है।”उन्होंने यहां तक कह दिया कि पार्टी सिर्फ वोट लेने के लिए है और जरूरत पड़ने पर वे AIMIM में जाने का विकल्प भी चुन सकती हैं।
महापौर का पलटवार
इसी बीच इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “क्या कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम् नहीं होता?”महापौर ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
सियासत में बढ़ी तल्खी
महापौर ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि कांग्रेस देशभक्ति के साथ खड़ी है या नहीं। उन्होंने इस मामले में एक अभ्यावेदन तैयार कर सभापति को सौंपने की बात भी कही है, ताकि आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सके।
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बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर की सियासत में माहौल गर्म हो गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।











