mp news: बुरहानपुर में टेक्सटाइल मजदूरों का असंतोष एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। श्रमायुक्त की अधिसूचना के बावजूद बढ़े हुए वेतन और लंबित एरियर का भुगतान नहीं होने से नाराज़ मजदूरों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। इस पूरे मामले में अब जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी चर्चा में आ गई है।
संयुक्त कलेक्टर कार्यालय में मजदूर यूनियन और टेक्सटाइल श्रमिकों की जिला श्रम अधिकारी के साथ बैठक हुई, लेकिन इसमें कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका।
श्रमायुक्त, मध्यप्रदेश (इंदौर) द्वारा 3 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से संशोधित न्यूनतम वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) लागू होना अनिवार्य है। साथ ही अप्रैल 2024 से लंबित एरियर के भुगतान का भी प्रावधान है।
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इसके बावजूद, लंबे समय से चल रहे आंदोलन और कानूनी प्रक्रिया के बाद भी मजदूरों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
मजदूरों का आरोप है कि प्रशासन ने बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया और केवल मामले को आगे बढ़ाने की बात कही। इससे श्रमिकों में असंतोष और बढ़ गया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं हुईं और टेक्सटाइल एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक नहीं बुलाई गई, तो कामबंद हड़ताल के साथ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन का मजदूरों के समर्थन में आना इस मुद्दे को और गंभीर बना रहा है। एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद जनप्रतिनिधियों का इस तरह सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
mp news: मजदूर यूनियन की प्रमुख मांगों में अप्रैल 2024 से एरियर भुगतान, नई वेतन दरों का तत्काल क्रियान्वयन, मिल मालिकों को लिखित निर्देश जारी करना और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई शामिल है।
वहीं, जिला श्रम अधिकारी ने कहा है कि मामला उच्च स्तर पर भेज दिया गया है और निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
mp news: फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन कब तक कोई ठोस कदम उठाता है या यह विवाद बड़े आंदोलन का रूप लेता है।











