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Tejas Crash : पिता-आर्मी, पत्नी-एयरफोर्स… और बेटा आसमान का शेर: नमन स्याल की आखिरी उड़ान ने पूरे गांव को कर दिया गमगीन

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नई दिल्ली : दुबई में 19वां अंतरराष्ट्रीय एयर शो पूरे शबाब पर था। दर्शकों की निगाहें आसमान में उड़ते विमानों पर टिकी थीं। और ठीक उसी क्षण भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट, जिसे भारत की तकनीकी क्षमता और बहादुरी का प्रतीक माना जाता है, एक झटके में हादसे का शिकार हो गया।इस दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के 34 वर्षीय विंग कमांडर नमन स्याल शहीद हो गए।हादसा इतना अचानक था कि देखने वालों की सांसें थम गईं।

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का पटियालाकड़ गांव, जहाँ नमन का बचपन बीता था, पल भर में शोक में डूब गया। गांव की गलियों में आज हर घर से एक ही वाक्य निकल रहा है—“हमारा नमन चला गया…”

पिता यूट्यूब पर खोज रहे थे बेटे की उड़ान, लेकिन स्क्रीन पर दिखा ‘Tejas Crash’
वहीं विंग कमांडर नमन के पिता जगन नाथ स्याल के लिए यह दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं था।रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल जगन नाथ ने बताया:“नमन ने मुझसे कहा था—‘पापा, कल मेरी फ्लाइंग है… टीवी या यूट्यूब पर ज़रूर देखना।’मैंने उसके कहने पर यूट्यूब खोला… और तभी क्रैश की खबर सामने आई।मेरे हाथ-पैर सुन्न हो गए। उस समय लगा जैसे मेरा सब कुछ खत्म हो गया।”कुछ सेकंड तक उन्हें भरोसा नहीं हुआ।लेकिन जैसे-जैसे खबरों की पुष्टि होने लगी, पिता की आंखों से बहते आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

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पत्नी भी एयरफोर्स ऑफिसर, पांच साल की बेटी बार-बार पूछ रही—“पापा कब आएंगे?”
नमन स्याल सिर्फ एक अनुशासित पायलट ही नहीं, बल्कि एक आदर्श पति और पिता भी थे।उनकी पत्नी अफसान, जो खुद भी एयरफोर्स ऑफिसर हैं, हादसे की खबर सुनकर टूट गईं।दोनों की पांच साल की बेटी अभी मासूम है—उसे यह समझ नहीं आ रहा कि उसका सुपरहीरो पापा क्यों नहीं लौट रहा।मां बीना देवी हादसे के समय हैदराबाद में ही थीं। परिवार को सांत्वना देने वाला हर व्यक्ति खुद रो रहा है।

सैनिक स्कूल से लेकर G-Suit तक
विंग कमांडर नमन ने अपनी स्कूली पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से की थी। वहीं से उनमें देश की सेवा का सपनों भरा बीज पड़ा।वायुसेना में दाखिल होने के बाद उन्होंने तेजस जैसे उन्नत फाइटर एयरक्राफ्ट उड़ाकर अपनी क्षमता और साहस दोनों साबित किए।उनके साथी पायलटों का कहना है—“नमन सबसे शांत, स्थिर और जिम्मेदार पायलटों में से एक थे। उड़ान उनके लिए पूजा थी।”

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कांगड़ा में शोक, मगर बेटे की शहादत पर गर्व
आज पूरे कांगड़ा में मातम है, पर गर्व भी उतना ही है।गांव के बड़े-बुजुर्ग कह रहे हैं—
“नमन ने आखिरी सांस तक देश का झंडा ऊँचा रखा। ऐसा बेटा हर घर में नहीं जन्मता।”गांव में लोग लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं। ठंड की रात में भी लोग बाहर बैठकर बस एक-दूसरे को संभाल रहे हैं।

नेताओं ने जताया शोक —“देश ने अपना बहादुर बेटा खो दिया”
इस मुश्किल घडी में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला,विपक्ष नेता जयराम ठाकुर,और सांसद अनुराग ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया।सभी ने कहा कि नमन स्याल का बलिदान देश कभी भूल नहीं पाएगा।अंतिम संस्कार की तैयारी जारी है। पूरा गांव नमन को उसकी आखिरी उड़ान—शहीद सम्मान—के साथ विदाई देने की प्रतीक्षा में है।

 

 

 

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