कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस को गुरुवार देर रात जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। अधिकारियों के अनुसार राज्यपाल को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी दी गई, जिसकी सूचना तुरंत केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी गई। इसके बाद कोलकाता पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
ईमेल से मिली धमकी, गृह मंत्रालय को दी गई सूचना
धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद राजभवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शुरुआती जांच में इसे गंभीर मानते हुए राज्यपाल की सुरक्षा में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में उनकी सुरक्षा में 60 से 70 प्रशिक्षित जवान तैनात हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा
गुरुवार रात राज्यपाल की सुरक्षा में लगे वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें मौजूदा सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई। गौरतलब है कि डॉ. सीवी आनंद बोस को पहले से ही Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
धमकी के बावजूद राज्यपाल का आत्मविश्वास
धमकी के बावजूद राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने बयान देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार को बिना सुरक्षा गार्ड के कोलकाता की सड़कों पर पैदल चलेंगे। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की जनता उनकी रक्षा करेगी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
साइबर सेल कर रही ईमेल की जांच
धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। ईमेल के आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और स्रोत की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
कौन हैं डॉ. सीवी आनंद बोस
डॉ. सीवी आनंद बोस एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं और 23 नवंबर 2022 से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं। वे एक प्रख्यात लेखक, शिक्षाविद् और विचारक भी हैं। उन्होंने 300 से अधिक पुस्तकों की रचना की है और संयुक्त राष्ट्र समेत कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं।











