Voter list irregularities : नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक में मतदाता सूची में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों के जवाब में अब राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सीईओ ने राहुल गांधी और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पत्र लिखकर उनसे आरोपों के समर्थन में हलफनामा मांगा है। साथ ही 9 अगस्त को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच मिलने का समय भी दिया गया है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के सीईओ से मुलाकात के लिए समय मांगा था, जिसके जवाब में उन्हें दोपहर 1 से 3 बजे का स्लॉट दिया गया है। आयोग ने यह भी कहा कि यदि आरोपों के समर्थन में दिए गए तथ्यों में कोई गलती पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने पत्र में कहा है कि पारदर्शिता के तहत मतदाता सूची का निर्माण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और पंजीकरण नियम 1960 के तहत किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नवंबर 2024 में ड्राफ्ट मतदाता सूची और जनवरी 2025 में अंतिम सूची कांग्रेस पार्टी को साझा की गई थी। इसके बावजूद पार्टी की ओर से किसी तरह की आपत्ति या शिकायत दर्ज नहीं की गई। आयोग का कहना है कि अब आरोप लगाने के बजाय राहुल गांधी को कानूनी प्रक्रिया के तहत हलफनामे के साथ नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर जैसे सटीक विवरण देने चाहिए।
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि किसी भी मतदाता को गलत तरीके से हटाए जाने या शामिल किए जाने के आरोपों की जांच तभी शुरू की जा सकती है जब संबंधित विवरण हलफनामे के साथ सौंपे जाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि गलत जानकारी देने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने यह भी जोड़ा कि चुनाव परिणामों को सिर्फ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका के जरिए ही चुनौती दी जा सकती है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी बीते कुछ दिनों से कर्नाटक में मतदाता सूची में भारी हेरफेर और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने उनके बयानों को “भ्रामक, तथ्यहीन और धमकाने वाला” करार दिया है। अब इस मामले में शुक्रवार को होने वाली मुलाकात के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।













