निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पॉपुलर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में बड़ा झटका लगा है। अदालत ने कपल की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। इससे पहले 7 दिसंबर को दोनों को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। 24 दिसंबर को रिमांड पूरी होने के बाद जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी, लेकिन अदालत ने इसे “मामले का संवेदनशील चरण” बताते हुए खारिज कर दिया।
अदालत ने क्या कहा
कोर्ट का कहना है कि मामले में अभी पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियां जरूरी हैं, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर रिमांड बढ़ा दी गई है।
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क्या है पूरा मामला
राजस्थान के इंदिरा IVF ग्रुप के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को उदयपुर के भूपालपुरा थाने में विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की FIR दर्ज कराई थी। आरोप है कि एक इवेंट के दौरान दिनेश कटारिया ने डॉक्टर को उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया और मुंबई के वृंदावन स्टूडियो में विक्रम भट्ट से मुलाकात कराई।
फिल्मों के नाम पर करोड़ों का लेनदेन
आरोप के मुताबिक, विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने 47 करोड़ में चार फिल्में बनाने और 100-200 करोड़ मुनाफे का दावा किया। इसके बाद अलग-अलग खातों में करीब 2.45 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए और इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42.70 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ।
चार में से सिर्फ दो फिल्में रिलीज
शिकायत में कहा गया है कि चार में से सिर्फ दो फिल्में रिलीज हुईं। तीसरी फिल्म केवल 25% बनी, जबकि चौथी फिल्म महाराणा-रण की शूटिंग तक शुरू नहीं हुई। आरोप है कि इसी फिल्म के नाम पर 25 करोड़ रुपये हड़प लिए गए।













